Monday, July 22, 2019 12:59 PM

अंडरग्राउंड डस्टबिन पर कंपनी की मनमानी

धर्मशाला—धर्मशाला तीन साल पूर्व देश का ऐसा पहला शहर बना था, जिसमें पूरे शहर में ही भुमिगत कू़ड़ेदान स्थापित किए थे। इस कार्य को एक निजी कंपनी ने पूरा किया था,  लेकिन तीन साल पूर्व देश भर में एक अलग स्थान दिलाने वाली कंपनी नगर निगम धर्मशाला और शहरवासियों के लिए सिर दर्द बन चुकी है। सूत्रों के अनुसार इन डस्टबिनों को लगाने वाली कंपनी मनमानी कर रही है। नगर निगम धर्मशाला ने भूमिगत कूड़ेदान लगाने के साथ-साथ पांच साल तक इनके रखरखाव का करार भी निजी कंपनी के साथ किया था, लेकिन अब निजी कंपनी नए डस्टिबन भी नहीं लगा रही है और न ही पुराने कूड़ेदानों की रिपेयर कर रही है। इस मसले को  लेकर नगर निगम धर्मशाला भी पूरी तरह परेशान है, लेकिन वर्तमान में हालत इतनी गंभीर हो चुकी हैं कि स्मार्ट सिटी धर्मशाला की शान कहलाने वाले डस्टिबन स्थानीय लोगों के लिए आफत बन गए हैं। धर्मशाला शहर में स्थापित किए हुए अधिकतम डस्टिबन खराब हो गए हैं।  सूत्रों के अनुसार निगम का जितना काम इस कंपनी ने किया है इसके पैसे भी पूरे निगम ने अदा कर दिए हैं, लेकिन कंपनी न तो नए डस्टबिन लगा रही है और न ही पुरानों को रिपेयर कर रही है। धर्मशाला के आधे से ज्यादा भूमिगत कूड़ेदान दयनीय स्थिति में हैं इन कूड़ेदानों की रिपेयर के साथ साथ कुछेक कूड़ेदानों में बदलने की भी अवश्यकता है।  इससे परेशान होकर अब नगर निगम प्रशासन ने इस निजी कंपनी के खिलाफ काूननी कार्रवाई करने की कवायद शुरू कर दी है। निगम अब एक अंतिम चेतावनी दी है इसके बाद भी कंपनी मनमानी करती हैं, तो कंपनी के खिलाफ एफआईआर भी की जाएगी।