Monday, October 21, 2019 08:31 AM

अग्रसेन विवि में राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ

बीबीएन—महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय में सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नीकल टीचर्ज ट्रेनिंग एंड रिसर्च के शिक्षा, शैक्षिक प्रबंधन विभाग के प्रमुख प्रोफेसर सुनील दत्त शिक्षा ने किया। पीसीजे स्कूल ऑफ मैनेजमेंट द्वारा आयोजित छठी राष्ट्रीय कार्यशाला के निदेशक व सरंक्षक  विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डा.) आरके गुप्ता है। जबकि मुख्य वक्ता के रूप में थापर विश्वविद्यालय पटियाला के प्रोफेसर डा.  रवि किरण उपस्थित रहे। इस बहुआयामी कार्यशाला में विभिन्न राज्यों से 50 से अधिक शोधार्थी हिस्सा ले रहे है। मुख्यातिथि प्रोफेसर सुनील दत्त ने कार्यशाला की विषय पर विस्तार से चर्चा की और अनुसंधान के नए क्षेत्रों पर प्रकाश डाला। उन्होंने नवीनतम शोध तकनीकों के महत्त्व और विशेष अनुसंधान क्षेत्रो में उनके उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने शोधकर्ताओं से आग्रह किया कि वे विभिन्न अनछुए क्षेत्रों में और समाज के लाभ के लिए शोध करें। इस अवसर पर महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डा.) आरके गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों, रिसचर्स और उद्योग जगत से जुड़े लोगों, को शोध के नवीनतम उपागमों से अवगत कराना है। उन्होंने प्रतिभागिताओं के प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें अधिकृत, मान्यता प्राप्त व पूर्व में स्वीकृत सिद्धांतों के साथ-साथ नई अवधारणों व अनुसंधान की तलाश करना भी जरूरी है। कार्यशाला की समन्वयक एवं स्कूल आफ मैनेजमेंट के निदेशक डा. विशाल कुमार ने आए हुए सभी मेहमानों व प्रतिभागिताओं का स्वागत किया और कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाओं से युवा शोधकर्ताओं को उनके शाोध लेखन कौशल बढ़ाने के साथ-साथ अनुसंधान की सही पद्धति का उपयोग करने में मदद मिलेगी। कार्यशाला की सचिव प्रो. आरती महेंदरू ने कार्यशाला के विषय और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कार्यशाला की साप्ताहिक रूपरेखा की विस्तार से चर्चा की। उद्घाटन समारोह के अंत में रजिस्ट्रार डा. वीके वत्स द्वारा धन्यावाद ज्ञापन दिया गया। कार्यशाला का पहला सत्र विशेष अतिथि व वक्ता के रूप में उपस्थित डा. रवि किरण द्वारा लिया गया, जिसमें उन्होंने शोध के प्रकार, साहित्य समीक्षा, और डेटा एकत्र करने के स्रोतों के महत्त्व के बारे में अपने विचार रखे। दूसरे सत्र में यूआईइटी के एसोसिएट प्रोफेसर डा. अजय मितल द्वारा शोधपत्र और थीसिस लिखने में लैटेक्स के महत्व पर प्रकाश डाला और उसके बारे में विस्तार से जानकारी दी।  इस कार्यशाला में आने वाले दिनों में विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिष्ठित प्रोफेसर अनुसंधान के विभिन्न मानको पर विस्तार से चर्चा करेगें।