Thursday, August 22, 2019 05:49 PM

अजीत डोभाल को फिर राष्ट्रीय सुरक्षा की कमान

केंद्र की नई नरेंद्र मोदी सरकार में भी अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनाया गया है। वह आजकल अपने कारनामों को लेकर चर्चा में हैं। विशेषकर जम्मू-कश्मीर में उनकी भूमिका को लेकर विशेष चर्चा हो रही है। जम्मू एवं कश्मीर के भविष्य को लेकर मौजूद सवालों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल घाटी में स्थिति को सहज बनाने व ‘माइक्रो मैनेज’ करने के लिए डेरा डाले हुए हैं और वहां के निवासियों व केंद्र के बीच सेतु बने हुए हैं। घाटी में प्रतिबंधों के बीच डोभाल ने हाल में पूरे श्रीनगर की रेकी की। इसमें डाउनटाउन, सौरा, पंपोर, लाल चौक, हजरतबल, बडगाम, चरार-ए-शरीफ  क्षेत्र शामिल हैं। इसके साथ ही दक्षिण कश्मीर के पुलवामा व अवंतीपोरा क्षेत्रों का भी उन्होंने हाल जाना। केंद्रीय गृह मंत्रालय व जम्मू एवं कश्मीर पुलिस के अनुसार, ईद शांतिपूर्ण ढंग से मनाई गई। सरकार द्वारा साझा तस्वीरों व वीडियो से दिखता है कि ईद का जश्न जम्मू एवं कश्मीर में मनाया जा रहा है जो पांच अगस्त से प्रतिबंधों के अधीन है। सरकार ने पांच अगस्त से निषेधाज्ञा लागू की हुई है, जब भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 व 35ए को निष्प्रभावी किया गया था। अजीत कुमार डोभाल आईपीएस हैं तथा भारत के पांचवें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। वह 30 मई 2014 से इस पद पर हैं। इससे पहले शिवशंकर मेनन इस पद पर थे। इनका जन्म 20 जनवरी 1945 को गढ़वाल में हुआ था। इन्होंने डा. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी से अपनी उच्चतर शिक्षा प्राप्त की है।