Sunday, September 22, 2019 07:02 AM

अधूरी आत्मकथा को पूरा करेंगे शांता कुमार

पत्नी व मित्रों के आग्रह पर कल जन्मदिन से हर रोज 12 बजे तक लिखने का संकल्प

पालमपुर-चुनावी राजनीति से सन्यास ले चुके भाजपा के दिग्गज नेता शांता कुमार  12 सितंबर को अपने जन्मदिन से एक अधूरे रह चुके कार्य को पूरा करने का संकल्प लिया है। यह संकल्प है अपनी उस आत्मकथा को पूरा करने का जो बीते वर्षों की व्यस्तता के बीच पूरी नहीं हो पाई। इसके लिए शांता कुमार ने 13 सितंबर से प्रतिदिन 12 बजे तक चुपचाप एकांत में लिखने का काम शुरू करने का निश्चय किया है। गौर रहे कि राजनेता होने के साथ शांता कुमार हिंदी के प्रतिष्ठित लेखक भी हैं। राजनीतिक व्यस्तताओं के बीच उन्होंने हिंदी साहित्य को एक दर्जन से अधिक पुस्तकें दी हैं। शांता कुमार की सभी रचनाओं का एक सयुंक्त संग्रह ‘समग्र साहित्य’ नाम से तीन खंडों में प्रकाशित किया जा चुका है। हाल ही में शांता कुमार की पुस्तक ‘अलविदा चुनावी राजनीति’ प्रकाशित हुई है। 12 सितंबर को शांता कुमार जीवन के 85 वर्ष पूरा कर 86वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। शांता कुमार भारतीय जनसंघ बनने से लेकर जनता पार्टी और फिर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्यक्ष सहभागी रहे । कुछ समय पूर्व ही शांता कुमार ने 1967 से शुरू हुई अपनी चुनाव की राजनीति को अलविदा कह दिया। शांता कुमार ने तय किया है कि अब वे पूरा समय विवेकानंद सेवा केंद्र में लगाएंगे। ‘असफलता मेरे हाथ में नहीं, परंतु डटे रहना तो मेरे हाथ में है’ यह शांता कुमार के जीवन का आदर्श रहा है। विवेकानंद अस्पताल में विश्रांति नाम से एक वरिष्ठ नागरिक सदन बनाने का कार्य भी शुरू किया गया है, जहां 100 वरिष्ठ नागरिकों के रहने की व्यवस्था होगी। निर्माण जोरों से चल रहा है। लगभग 14 करोड़ रुपए की यह परियोजना अगले वर्ष के अंत तक पूरी हो जाएगी। पूर्व सांसद शांता कुमार की इच्छा है कि 12 जनवरी, 2021 को स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन पर विश्रांति सेवा केंद्र को प्रारंभ कर दिया जाए। पूर्व सांसद शंता कुमार ने कहा कि  आत्मकथा लिखनी शुरू की थी जो बीच में छोड़ दी थी। मित्रों और विशेष रूप से धर्मपत्नी संतोष का आग्रह है कि उसे शीघ्र पूरी करूं।