Sunday, June 16, 2019 06:50 PM

अनिल पर चार्जशीट की तलवार

 शिमला —जयराम कैबिनेट से इस्तीफा दे चुके अनिल शर्मा पर भाजपा चार्जशीट की तलवार लटक सकती है। हालांकि पूर्व में विपक्ष में रहते भाजपा ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ चार्जशीट तैयार की थी, जिसमें पूर्व मंत्री अनिल शर्मा पर भी आरोप लगे हैं, लेकिन 2017 के चुनाव में अनिल शर्मा भाजपा में शामलि हुए, तो वर्तमान भाजपा सरकार ने उनके आरोप विजिलेंस से भी दूर रखे और पिछले दिनों अनिल शर्मा ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। सूत्रों के मुताबिक लोकसभा चुनावों के बाद अनिल शर्मा पर लगे आरोपों की फाइल खुल सकती है। पूर्व की वीरभद्र सरकार में अनिल शर्मा पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री के पद पर थे, तो भाजपा चार्जशीट में अनियमितताओं के आरोप लगे थे। हालांकि 15 महीने से अनिल शर्मा पर लगे आरोप पूरी तरह बंद हो गए थे, लेकिन वर्तमान की राजनीतिक परिस्थितियां देखते हुए चुनावी नतीजे के बाद जांच खुल सकती है। प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के नाते विजिलेंस ने भी अनिल शर्मा पर लगे आरोपों की जांच के लिए गृह विभाग से मंजूरी नहीं मांगी है। भाजपा चार्जशीट में अनिल शर्मा पर पशुपालन विभाग और पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास विभाग में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। भाजपा चार्जशीट में आरोप लगे हैं कि अनिल शर्मा ने 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान आय व संपत्ति के हलफनामे में मंडी स्थित होटल, जो पिछले पांच साल बंद रहा तथा सूरत में 1970 में लगाए सेब के बगीचे, जिसमें सेब के पेड़ सूख चुके हैं, से करोड़ों रुपए की आमदनी कैसे दर्शाई गई? इस तरह के आरोप भाजपा चार्जशीट में लगे हैं।

होटल राजमहल का जमीनी सौदा

भाजपा चार्जशीट में पूर्व मंत्री अनिल शर्मा पर पशुपालन विभाग में दवाई घोटाले के आरोप लगे हैं। आरोप हैं कि पशुपालन विभाग ने वर्ष 2014-15 के लिए दवाइयां खरीदने के लिए जिन 30 फर्मों के साथ रेट कांट्रैक्ट किया, उनमें से 15 फर्में सरकार व विभाग ने ब्लैकलिस्ट या डी-बार कर रखी हैं। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने इस संदर्भ में पत्र की कॉपी प्रदेश सरकार को भी दे दी। इसके बावजूद ऐसी फर्मों से उच्च दरों पर दवाइयों की सप्लाई का रेट कांट्रैक्ट किया गया, जो मिलीभगत कर भ्रष्टाचार करने का नमूना है। भाजपा चार्जशीट में आरोप लगे हैं कि मुख्यमंत्री द्वारा शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई न करना दर्शाता है कि उस घोटाले में मंत्री के साथ-साथ मुख्यमंत्री का भी हाथ है।

पशुपालन विभाग में दवाई घोटाला

भाजपा चार्जशीट में जिला मंडी के राजमहल जमीन बेनामी सौदे में अनिल शर्मा के बैंक खाते से लाखों रुपए संजय कुमार के खाते में ट्रांसफर किए जाने का आरोप है। भाजपा का आरोप है कि यह बेनामी सौदा खूब राम के नाम हुआ, जिसका सूत्रधार संजय था। भाजपा का आरोप है कि हिमाचल में  पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री रहे अनिल शर्मा ने मंडी शहर में अपने होटल मैफेअर को केवल तीन मंजिल बनाने की स्वीकृति नगर परिषद, टीसीपी से ली थी, जबकि उस होटल की छह मंजिलें अनधिकृत रूप से बनी हैं। भाजपा का आरोप है कि पांच साल लगातार इसकी मरम्मत होती रही और अब जांच से बचने के लिए होटल का नाम बदलकर रिजेंट पाम रख दिया।