Thursday, July 02, 2020 06:42 PM

अपने आने का बंदोबस्त अब खुद करें, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बोले; प्रदेश में ट्रांसपोर्ट शुरू होने से नहीं होगी कोई दिक्कत

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बोले; प्रदेश में ट्रांसपोर्ट शुरू होने से नहीं होगी कोई दिक्कत, सरकार ने बंद की बल्क ट्रांसपोर्ट सेवा

शिमला – बाहर से आने वाले हिमाचलियों को अब खुद ही अपने आने की व्यवस्था करनी होगी। सरकार ने बल्क ट्रांसपोर्ट सेवा बंद कर दी है और कहा है कि अब लोग खुद आ सकते हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री जयराम ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि लॉकडाउन के कारण बाहरी राज्यों में फंसे हिमाचलियों को सरकार ने लाने का पूरा प्रबंध किया, मगर अब अनलॉक हो गया है, तो लोगों को खुद ही आना होगा। सीएम ने कहा कि क्योंकि केंद्र सरकार ने सभी राज्यों में परिवहन सेवा चरणबद्ध ढंग से शुरू कर दी है, इसलिए यहां के लोगों को भी बाहर से आने में दिक्कत नहीं होगी। सवा दो महीने में सरकार ने देश के अलग-अलग राज्यों में फंसे हिमाचलियों को फ्री में लाने के लिए बल्क ट्रांसपोर्ट सेवा शुरू की थी, जिसका लोगों ने भरपूर लाभ उठाया । अब जो लोग देश के रेड और ऑरेंज ज़ोन से हिमाचल आएंगे, उन्हें संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जाएगा। इस बीच अगर ज्यादा लोग हिमाचल आ जाते हैं, तो उन्हें होम क्वारंटाइन में रखने की भी व्यवस्था की जाएगी।

1.60 लाख की वापसी

सीएम जयराम ठाकुर ने बताया कि लॉकडाउन के बीच देश के विभिन्न राज्यों में फंसे 1.60 लाख लोगों को वापस लाया गया है। सरकार ने गोवा, महाराष्ट्र, मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, दिल्ली, कोटा, दिल्ली और चंडीगढ़ में फंसे हिमाचलियों को इस बीच वापस लाया है।

कांगड़ा के ही 68 हजार 767 लोग लौटे

लॉकडाउन के बीच कांगड़ा जिला में सबसे ज्यादा 68 हजार 767 हिमाचलियों को वापस लाया गया है। देश के अन्य राज्यों में फंसे सभी जिलों के लोग लॉकडाउन के बीच वापस अपने घर पहुंचे हैं। इसमें बिलासपुर के 7185, चंबा के 7008, हमीरपुर के 17129, किन्नौर के 1015, कुल्लू के 4635, लाहुल-स्पीति के 278, मंडी के 12130, शिमला के 8746, सिरमौर के 7898, सोलन के 20309 और ऊना के 7389 लोगों को सरकार वापस ला सकी है।

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