Wednesday, December 11, 2019 05:42 PM

अपमान से दुखी स्वतंत्रता सेनानी, छोड़ा खाना-पीना

बिलासपुर के 93 वर्षीय डंडू राम चार दिन से भूख हड़ताल पर; बोले,केंद्र सरकार ने  दिल्ली बुलाकर किया अपमानित

बिलासपुर - अपमान से आहत कुठेड़ा गांव के 93 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी डंडू राम ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। बीते चार दिन से उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया है। स्वतंत्रता सेनानी डंडू राम ने सरकार पर उनकी अनदेखी कर उन्हें अपमानित करने का आरोप लगाया है। सोमवार को परिधि गृह बिलासपुर में पत्रकार वार्ता के दौरान स्वतंत्रता सेनानी डंडू राम ने बताया कि नौ अगस्त को राष्ट्रपति की ओर से सम्मानित करने के लिए उन्हें जिला प्रशासन से निमंत्रण पत्र प्राप्त हुआ मिला था, मगर दिल्ली पहुंचने पर राजभवन के अधिकारियों ने यह कह कर निराश किया कि शिमला से उन्हें सम्मानित करने का स्वीकृति पत्र जारी नहीं हुआ है। इस कारण वह सम्मान समारोह में भी शामिल नहीं हो सकते। इस पूरे घटनाक्रम के बाद वे काफी आहत हैं। स्वतंत्रता सैनानी की बेटी मीरा देवी ने इस संदर्भ में बताया कि उन्होंने वहां से घर आने के लिए मना कर दिया। उनका कहना है कि आत्म सम्मान के साथ जिया है, मगर जीवन के 93 बसंत देखने के बाद ऐसी घटना घटित होने से वह खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं। स्वतंत्रता सेनानी डंडू राम ने बताया कि आजादी की लड़ाई के दौरान बाल्यकाल में ही उन्हें तत्कालीन कहलूर राजा आनंद चंद ने उन्हें 12 वर्ष का देश निकाला दिया था। उन्होंने छह माह कारावास की सजा भी झेली थी। उन्होंने बताया कि देश आजाद होने के बाद वर्ष 1948 में वह भारतीय सेना की डोगरा रेजिमेंट में भर्ती हो गए। वर्ष 1962 में चीन, वर्ष 1965 और 1971 में भारत-पाक में हुए युद्धों में भी हिस्सा लिया। उत्कृष्ट सेवाओं के प्रति भारतीय सेना व भारत सरकार से भी उन्हें कई मेडल प्रदान किए थे। डंडू राम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि यह प्रकरण मान-सम्मान एवं स्वाभिमान से जुड़ा है। उन्हें पुरस्कार नहीं चाहिए, मगर उम्र के इस पड़ाव उनके साथ जो भद्दा मजाक किया गया है, उससे वह आहत हैं। इस प्रकरण में गलती कहां हुई, इसकी जांच की जाए।