Monday, September 16, 2019 08:19 AM

‘अबकी बरसात में बरस जाए सारी बूंदें’

सावन संगीत काव्य सम्मेलन में कवियों ने पेश की एक से बढ़कर एक कविता 

योल -कांगड़ा लोक साहित्य परिषद नेरटी एवं वेद मंदिर योल के सयुंक्त तत्त्वावधान में रविवार को सावन संगीत काव्य सम्मेलन का आयोजन किया गया । वेद एवं योगाचार्य स्वामी रामस्वरूप की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में ‘दिव्य हिमाचल’ के प्रधान संपादक अनिल सोनी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। सम्मेलन में डा. गौतम व्यथित व वेद प्रकाश अग्निहोत्री जैसे महानुभावों की उपस्थिति में कवि वेद प्रकाश, कश्मीर सिंह, गोपाल शर्मा, राजीव त्रिगर्ती, पंकज कश्यप,  डा. युगल डोगरा, सतपाल, लोकेश नदंन, प्रभात शर्मा, अदिति गुलेरी, कुशल कटोच, विजय पुरी, सुरेश भारद्वाज, भूपेंद्र जम्वाल, रमेश मस्ताना, अश्वनी, कंवर प्रताप, डा. प्रत्यूष गुलेरी व लोकेश नंदन ने रौद्र रूप दिखाता सावन, सुंदर शांत, कभी प्रचंड सावन सुख-दुख का परिचायक सावन, अबकी बरसात में बरस जाए सारी बूंदंे और धुल जाए पुरानी सारी यादें  व मुख्यातिथि अनिल सोनी ने ‘दुनिया में तबाह होने को आया हूं, तेरे होने का गवाह होने को आया हूं’ कविता पेश की।