Friday, December 13, 2019 07:27 PM

अब किचन वेस्ट वाटर भी होगा पीने लायक!

बिलासपुर में बाल विज्ञान सम्मेलन में सजा पंजगाई की छात्रा तनवी गौतम का मॉडल

बिलासपुर - अब किचन वाटर वेस्ट को डिं्रक वाटर के रूप में परिवर्तित किया जा सकेगा। न केवल पानी पीने योग्य होगा, बल्कि इसे ग्रीन हाउस में तैयार की जा रही फल, फूल एवं सब्जियों की सिंचाई के लिए उपयोग में भी लाया जा सकेगा। यह सब संभव होगा नेचुरल वाटर प्योरिफायर सिस्टम के जरिए। बिलासपुर जिला के पंजगाईं सीनियर सकेंडरी स्कूल की होनहार छात्रा तनवी गौतम ने एक नया मॉडल तैयार किया है, जिसे गर्ल्ज सीनियर सकेंडरी स्कूल में बुधवार से शुरू हुए राज्यस्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन में सजाया गया है। उपायुक्त राजेश्वर गोयल द्वारा राज्य स्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर तनवी गौतम के गाइड टीचर दिनेश शर्मा ने बताया कि बिलासपुर पूरे हिमाचल में एक ऐसा जिला है, जहां किसान उत्पादकों द्वारा सर्वाधिक ग्रीन हाउस लगाए गए हैं। तनवी गौतम का मॉडल ग्रीन हाउस संचालक किसानों के लिए वरदान सिद्ध होगा। इसके लिए ग्रीन हाउस की छत पर एक शेड तैयार करना होगा जिसमें कंडेशर लगाया जाएगा। ग्रीन हाउस में मक्की के पौधे लगाने होंगे। हालांकि यहां औषधीय पौधे नीम, हरड़ व बेहड़ा इत्यादि भी लगाए जा सकते हैं। किचन वाटर स्प्रिंकल सिस्टम के जरिए मक्की के पौधों की सिंचाई के रूप में डाला जाएगा। पौधे हवा में जलवाष्प छोड़ते हैं। वाष्पोर्त्सज प्रक्रिया के जरिए यह पानी कंडेशर में जाएगा। वहां से संघनन प्रक्रिया के द्वारा दोबारा वाटर के रूप में परिवर्तित होगा, जिसे पीने के पानी के रूप में प्रयोग में लाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि यह पानी का शुद्धतम रूप होगा।

सोलन के हर्षित का मॉडल भविष्य की नई उम्मीद

पीएनएनएम गीता आदर्श विद्यालय सोलन के होनहार छात्र हर्षित गुप्ता ने अपने गाइड टीचर के मार्गदर्शन में ट्रेडिशनल सिस्टम फॉर मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल एप्लीकेशन नामक मॉडल तैयार किया है। इसकी खासियत यह है कि इससे जहां घराट से आटा निकलेगा, वहीं 30 वोल्ट तक बिजली भी तैयार की जा सकेगी। वहीं, मसाले पिसाई संग लस्सी इत्यादि भी तैयार की जा सकेगी। खड्डों या नदी नालों के किनारे पानी के तेज बहाव वाले स्थान पर इस प्रोजेक्ट को स्थापित किया जा सकेगा।