Tuesday, June 02, 2020 11:55 AM

अब गांव के  खेतों में हर किस्म की सब्जियां

शिमला  - हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के खेतों में अब हर किस्म की फल-सब्जियां लगेंगी। महत्त्वपूर्ण यह है कि इसमें खासतौर पर महिलाओं की भागीदारी रहेगी। महिलाएं, फल-सब्जियां अपने एक बीघा जमीन पर लगा सकती हैं। इसके लिए उन्हें एक लाख तक की आर्थिक सहायता ग्रामीण विकास विभाग मुहैया करवाएंगा। अहम यह है कि एक दिन में ही इस योजना में अप्लाई करने वाले महिलाओं के सहायता समूहों की संख्या 375 से पार है। प्रदेश सरकार भी हैरत में है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पाने के लिए महिलाएं किस तरह से आगे आ रही हैं। फिलहाल एक दिन में 375 महिला समूह के आवेदन करने के बाद अब ग्रामीण विकास विभाग को उम्मीद है कि इसी माह पांच हजार सहायता समूह क टारगेट पूरा हो जाएगा। उसके बाद पंचायतों में मनरेगा के तहत खेतीबाड़ी का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बता दें कि हिमाचल में अभी 18 हजार सहायता समूह हैं अगर केंद्र सरकार से मंजूरी मिल जाती है, तो आने वाले समय में सभी सहायता समूहों को इस योजना के  साथ जोड़ा जाएगा। अहम यह है कि ग्रामीण विकास विभाग यह भी योजना बना रहा है कि जल्द ही मनरेगा के तहत इस योजना को व्यक्ति गत रूप से भी आने वाले समय में शुरू किया जा सकता है। फिलहाल यह बहुत अच्छी खबर है कि एक बीघा जमीन योजना में एक दिन में 375 से ज्यादा महिलाओं ने अप्लाई कर दिया। बता दें कि इस योजना के तहत एक महिला या उसका परिवार, जिनके पास एक बीघा (0.4 हेक्टेयर) तक की भूमि है, वह सब्जियों और फलों को उगाने के लिए बैकयार्ड किचन गार्डन तैयार कर सकते हैं। इस योजना में 5000 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लगभग 1.50 लाख महिलाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही प्रत्येक लाभार्थी महिला को मनरेगा के तहत रोजगार पाने का अधिकार होगा।