Tuesday, June 02, 2020 09:16 AM

अब बेरोजगारों को रोजगार

नगर निगम ने शुरू की सीएम रोजगार गारंटी योजना, शिक्षा मंत्री के साथ की वीडियो कान्फ्रेंस

शिमला-शिमला शहर के शहरी क्षेत्र में आने वाले लोगों के लिए नगर निगम ने सरकार के सहयोग से मुख्यमंत्री रोजगार गारंटी योजना की शुरूआत करने जा रहा है। जिस तरह से आज के दौर में हजारों लोगों का रोजगार छिन गया है। लोग बिना रोजगार के घरों में बैठे है। ऐसे में उन्हें इस संकट के समय में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी को देखते हुए निगम ने गांव में मनरेगा की तर्ज में यह योजना शुरू की जा रही है। इस योजना के तहत अब लोगों को रोजगार दिया जाएगा। बता दें कि इस योजना के तहत युवा 120 दिन काम करेंगे और उनके कार्य की पेंमेट 22 दिन बाद कर दी जाएगी। आम लोगों को 275 रुपए प्रतिदिन-दिहाड़ी दी जाएगी। यहां एक और बात बता दें कि प्रदेश पहला ऐसा राज्य होगा, जिसने इस संकट के समय में मनरेगा की तर्ज में शहरी क्षेत्र में मुख्यमंत्री रोजगार गारंटी योजना लागू की है। यह योजना खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो अनस्किल्ड है। ऐसे में वे जब पूरे 30 दिन काम करेंगे, तो वे टे्रनिंग के लिए भी योग्य हो जाएंगे। इसके बाद एमसी उन्हें चार दिन की ट्रेनिंग देगा उसके बाद उसे तनख्वाह भी मिलेगी। इस योजना के तहत से शहर के कई कार्य को दोबारा शुरू किया जाएगा। साथ ही जो नए कार्य किए जाने थे उन्हें भी शुरू किया जाएगा। वहीं इन दौरान जो लोग घर पर बेरोजगार बेठे हैं, उन्हें रोजगार भी मिलेगा। यह शहरभर के लोगों के लिए काफी राहत भरी खबर है कि अब उन्हें रोजगार न होने से परेशान होने की जरूरत नही है। गुरुवार को बचत भवन में शहर के सभी पाषदों के साथ व नगर निगम आयुक्त, संयुक्त आयुक्त सहित शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्धाज की मौजूगी में वीडियों कान्फ्रेंस की गई, जिसमें आयुक्त व संयुक्त सहित शिक्षा मंत्री के साथ सभी पार्षद वीडियो कान्फ्रेंस के जरीए जुडे़ थे। शिक्षा मंत्री ने इस योजना के बारे में सभी को विस्तार से जानकारी दी और पाषदों से भी आग्रह किया कि इस योजना के प्रति लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने कहा कि यह योजना कार्य प्रदान करने के साथ-साथ कौशल विकास के लिए भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण होगी। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को उस क्षेत्र का निवासी होना अत्यंत आवश्यक है। इस योजना के तहत वह नगर निगम में अपना पंजीकरण करवाएं जिसे 15 दिन के भीतर नगर निगम द्वारा रोजगार प्रदान किया जाएगा। योजना अनुरूप न्यूनतम दिहाड़ी प्रदान की जाएगी। यदि नगर निगम कार्य प्रदान करने में असमर्थ रहा तो 75 रुपए प्रतिदिन व्यक्ति को दिहाड़ी मिलेगी।

पार्षद करें पंजीकरण

साल में 120 दिन का गारंटीशुदा रोजगार इसके तहत प्रदान किया जाएगा और व्यक्ति यदि योजना के तहत 30 दिन निरंतर कार्य करता है तो उसे कौशल बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण व भत्ता भी दिया जाएगा।  जहां इस योजना से रोजगार प्राप्त होगा, वहीं लोगों को अपने कौशल को और अधिक विकसित करने का अवसर भी मिलेगा। उन्होंने पार्षदों से अपने क्षेत्र में लोगों का पंजीकरण करवाकर रोजगार प्रदान करने की अपील की।