Tuesday, October 15, 2019 09:27 AM

अब सुलझेगा धौलासिद्ध भूमि अधिग्रहण मसला

शिमला - हमीरपुर जिला में वर्षों पहले से प्रस्तावित धौलासिद्ध परियोजना की जमीन के अधिग्रहण के मसले को सुलझाने के लिए सरकार ने एक्सपर्ट गु्रप बनाया है। यह एक्सपर्ट गु्रप लोगों को उचित मुआवजा देने के लिए बनाए गए एक्ट के अनुसार पारदर्शिता के साथ मुआवजा  सुनिश्वित करने में मददगार बनेगा। राजस्व विभाग ने इसकी अधिसूचना की है, वहीं सरकार ने अलग से भूमि अधिग्रहण के काम को आगे बढ़ाने के लिए नोटिफाई भी कर दिया है। एक्सपर्ट गु्रप में चेयरमैन हिम ऊर्जा के निदेशक होंगे, वहीं दो गैर सरकारी सामाजिक विशेषज्ञ शामिल रहेंगे। इसमें हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्रो. ओपी मोंगा व प्रो. एसके शर्मा को रखा गया है। हमीरपुर की प्रभावित होने वाली पंचायत के एक प्रतिनिधि को इसमें रखा गया है, जिसे जिलाधीश नामजद करेंगे, वहीं एक कांगड़ा जिला की प्रभावित पंचायत के प्रतिनिधि को नामांकित किया जाएगा। पुनर्वास क्षेत्र में एक्सपर्ट में से दो लोगों को रखा गया है, जिसमें एक कुलवंत सिंह पठानिया निदेशक आईसीडीओईएल विश्वविद्यालय तथा दूसरे वी.बी. नेगी रजिस्ट्रार इग्नू को शामिल किया गया है। तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में इस कमेटी में निदेशक हिम ऊर्जा को स्थान दिया गया है। विशेष अतिथियों में जिलाधीश हमीरपुर व जिलाधीश कांगड़ा को इसमें शामिल किया गया है। वह इसमें अपने प्रतिनिधियों को भी भेज सकते हैं, जो कि एसडीएम के रैंक से नीचे के नहीं होंगे। बता दें कि धौलासिद्ध परियोजना 66 मेगावाट क्षमता की है और इसके निर्माण का खाका सालों पहले खींचा गया था। कई साल से यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। यहां पर जमीन अधिग्रहण को लेकर कुछ पेंच हैं। सतलुज जल विद्युत लिमिटेड को यह प्रोजेक्ट दिया गया है, जिसके साथ नए सिरे से जल्द ही सरकार एमओयू करने जा रही है। केंद्र से इस प्रोजेक्ट को कुछ मंजूरियां मिल चुकी हैं, परंतु जमीन की लागत काफी ज्यादा होने के चलते मामला केंद्रीय कैबिनेट से मंजूर नहीं हो पाया है। ऐसे में अब नए सिरे से लोगों के साथ जमीन के अधिग्रहण पर चर्चा होगी और एक्सपर्ट गु्रप तय मापदंडों के अनुसार मुआवजा सुनिश्चित बनाने का प्रयास करेगा। वहीं एक्सपर्ट गु्रप को दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। राइट टू फेयर कंपनसेशन एक्ट के प्रावधानों के तहत इन्हें अपनी रिपोर्ट देनी होगी। सतलुज जल विद्युत निगम इनका टीए, डीए वहन करेगा।