Saturday, September 21, 2019 04:55 PM

अब स्कूलों में सड़क सुरक्षा की पाठशाला

हर सरकारी व निजी स्कूल में तैनात होंगे नोडल ऑफिसर, 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को मिलेगी प्राथमिकता

शिमला -प्रदेश में हर साल बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए अब स्कूली बच्चों के लिए सड़क सुरक्षा की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने सभी स्कूल प्रबंधनों को गाइड लाइन भी जारी कर दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पहले चरण में राजधानी शिमला के स्कूलों में यह प्रक्रिया शुरू होगी। उसके बाद दूसरे चरण में राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में सड़क सुरक्षा की एबीसी सिखाई जाएगी। इन कक्षाओं में स्कूली बच्चों को सड़क सुरक्षा पर जानकारी दी जाएगी। वाहन नियमों को लिखित में समझाया जाएगा। प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों पर ब्रेक लगाने के लिए रोड सेफ्टी सैल के तहत परिवहन निदेशालय ने प्लान तैयार कर लिया है और जल्द ही इस प्लान को अमलीजामा भी पहनाया जाएगा। प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रारंभिक दौर में प्रदेश के सभी निजी व सरकारी स्कूलों में 11वीं व 12वीं कक्षाओं में रोड सेफ्टी पर कक्षाएं लगाई जाएंगी। इसके लिए सबसे पहले जिलावार स्कूलों में नोडल ऑफिसर तैनात किए जाएंगे। ये नोडल ऑफिसर शुरूआती दौर में बच्चों व अध्यापकों को सड़क सुरक्षा की सभी जानकारियां प्रदान करेंगे। इसके बाद स्कूलों में रोड सेफ्टी टीचर्स तैयार किए जाएंगे। ये टीचर्स स्कूलों से ही लिए जाएंगे। प्राथमिक चरण में प्रदेश के 11वीं व 12वीं कक्षा की कक्षाएं, दो से तीन माह तक चलाई जाएंगी। बताया गया कि स्कूली बच्चे शहर, ग्रामीण व प्रदेश की जनता को सड़क सुरक्षा पर जागरूक करेंगे। दूसरे चरण में 10वीं, नौंवी, आठवीं के बच्चों की भी स्कूल में अन्य विषयों के साथ सड़क सुरक्षा की कक्षाएं लगेंगी। उल्लेखनीय है कि इस साल कुल्लू बस हादसे में 46 लोगों व  शिमला झंझीड़ी बस हादसे में दो स्कूली छात्राओं की मौत के बाद प्रदेश सरकार ने सड़क सुरक्षा सैल बनाया है, जिसमें सभी विभागों की सड़क सुरक्षा पर कार्यों की भागीदारी सुनिश्चित की है। इसका कार्यभार परिवहन विभाग को सौंपा है। यह सैल अब जल्द ही परिवहन निदेशालय के निर्देशों पर कार्य शुरू करेगा। शिमला में हर दिन दस नई गाडि़यां राजधानी शिमला में हर दिन दस नई गाडि़यां आ रही हैं। हर वर्ष की भांति इस बार भी वाहनों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। हर साल 33 सौ से अधिक नए वाहन रजिस्टर्ड हो रहे हैं। वर्ष 2005 में 31 हजार 228 वाहनों के पंजीकरण हुए जो मई 2019 तक 77 हजार 939 हो चुकी है। शिमला में प्रतिदिन वाहनों की आवाजाही में भी वृद्धि हो रही है। वर्ष 2005 में प्रतिदिन 66617 वाहनों की आवाजाही होती थी, जो इस साल एक लाख 65 हजार 878 वाहनों की आवाजाही हो रही है।