Wednesday, September 30, 2020 05:21 AM

अब हमीरपुर में भी होगा हिमोफीलिया का इलाज

आईजीएमसी-टीएमसी के बाद उपचार करने वाला तीसरा मेडिकल कालेज

हमीरपुर -डा. राधाकृष्णन मेडिकल कालेज हमीरपुर हिमोफिलिया का उपचार करने वाला प्रदेश का तीसरा मेडिकल कालेज बन गया। गुरुवार को मेडिकल कालेज हमीरपुर मंे हिमोफिलिया कंेद्र का शुभारंभ हुआ। अब इस बीमारी का इलाज टांडा मेडिकल कालेज व आईजीएमसी सहित हमीरपुर मेडिकल कालेज मंे भी निःशुल्क होगा। बता दें कि इस बीमारी से हर साल कई लोगांे की मौत हो जाती है। बीमारी के उपचार की सुविधा अब तक सिर्फ टांडा मेडिकल कालेज व आईजीएमसी शिमला में ही उपलब्ध थी। गुरुवार से यह सुविधा मेडिकल कालेज हमीरपुर में भी शुरू हो गई। इस सुविधा के शुरू होने से मरीजों को अब इस बीमारी के उपचार के लिए कहीं दूरदराज जाने की जरूरत नहीं है। हमीरपुर मेडिकल कालेज में भी इस बीमारी का उपचार हो जाएगा। मेडिकल कालेज के शिशु विभाग में सरकार द्वारा वरिष्ठ डाक्टरों की तैनाती की गई है। इनकी तैनाती के उपरांत ही हीमोफीलिया केंद्र को शुरू किया गया। गुरुवार को प्रिंसीपल मेडिकल कालेज सहित शिुश विभाग के डाक्टरों ने इसका शुभारंभ किया तथा इस बीमारी से पीडि़त बच्चों का इलाज भी किया।  हीमोफीलिया मनुष्यों में दुर्लभ रक्त स्राव विकार है जहां रक्त सामान्य रूप में नहीं होता है। यह आमतौर पर वंशानुगत विकार है। आमतौर पर एक्स गुणसूत्र इस विकार का वाहक होता है। हीमोफीलिया से पैदा होने वाले लोगों में बहुत कम मात्रा में क्लोटिंग कारक होता है, जो एक प्रोटीन है जो शरीर में बाहरी चोट होने पर रक्त प्लेटलेट्स को एक साथ चिपकने में मदद करता है। यह विकार दो प्रकारों का है ए और बी। जबकि हीमोफीलिया ए का अर्थ है क्लोटिंग कारक आठ के निचले स्तर होने के कारण हीमोफीलिया बी का अर्थ है क्लॉटिंग कारक चार के निम्न स्तर। हीमोफीलिया आमतौर पर पुरुषों में होने वाली एक बीमारी है। हीमोफीलिया के लक्षण अत्यधिक रक्तस्राव होते हैं, जो मुंह में कट या काटने से या दांत खोने के कारण हो सकते हैं। इस गंभीर बीमारी का इलाज अब तक सिर्फ टांडा मेडिकल कालेज व आईजीएमसी शिमला में ही संभव था। अब इसका उपचार हमीरपुर मेडिकल कालेज में भी हो सकेगा। प्रधानाचार्य डा. अनिल चौहान ने बताया की यह उपचार महंगा और सामान्य रूप से उपमंडलीय स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध नहीं है। इस इंजेक्शन की सुविधा अभी तक रोगियों के लिए टांडा मेडिकल कालेज एवं आईजीएमसी शिमला में उपलब्ध थी, लेकिन डा. आरकेजीएमसी हमीरपुर में इस केंद्र के शुरू होने के बाद अब यह उपचार जरूरतमंद मरीजों के लिए नजदीक मंे ही निशुल्क उपलब्ध रहेगा।