Tuesday, February 18, 2020 07:42 PM

अभ्यास मैच टेंशन मिटाएगी टीम इंडिया

न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले टीम संयोजन पर कसरत करने उतरेगी कोहली एंड कंपनी

हैमिल्टन - विश्व की नंबर एक टेस्ट टीम भारत ने बेशक अपने पिछले लगातार सात टेस्ट शानदार अंदाज में बड़े अंतर से जीते हैं लेकिन शुक्रवार से न्यूजीलैंड एकादश के खिलाफ होने वाले तीन दिवसीय अभ्यास मैच में वह कुछ सवालों का जवाब ढूंढने के इरादे से उतरेगी। भारत ने इस दौरे में जब टी-20 सीरीज 5-0 से जीतकर इतिहास बनाया था तब उसके सामने किसी भी तरह की अगर-मगर की स्थिति नहीं थी लेकिन तीन मैचों की वनडे सीरीज में 0-3 की क्लीन स्वीप ने उसके सामने सवाल खड़े कर दिए हैं और इस अभ्यास मैच में उन्हें कुछ सवालों के जवाब तलाशने होंगे। भारत ने अपने पिछले सात टेस्ट पारी या 200 रन से अधिक के अंतर से जीते हैं और 21 फरवरी से होने वाली दो टेस्टों की सीरीज में वह जीत के प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगा, लेकिन उसे मेजबान टीम के पलटवार से सतर्क रहना होगा जिसने भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में पहली बार 3-0 की क्लीन स्वीप कर अपना मनोबल मजबूत कर लिया है। कुछ प्रमुख खिलाडि़यों की चोटों और खराब फॉर्म ने टीम इंडिया के सामने संकट पैदा कर दिया है।

दूसरा ओपनर पृथ्वी या गिल

फ्लॉप शो प्रदर्शन के बावजूद मयंक अग्रवाल पारी की शुरुआत करेंगे, लेकिन उनका जोड़ीदार कौन होगा यह इस समय सबसे बड़ा सवाल है। युवा ओपनर पृथ्वी शॉ भारत के लिए दो टेस्ट खेल चुके हैं और अपने पदार्पण टेस्ट में शतक भी जमा चुके हैं। उन इसके बाद चोट और डोपिंग के लिए निलंबन से जूझना पड़ा, लेकिन अब वह टेस्ट टीम में वापसी के लिए तैयार हैं। उन्हें टेस्ट टीम में जगह बनाने के लिए एक और युवा बल्लेबाज शुभमन गिल से चुनौती मिल सकती है, जिन्होंने भारत ए के लिए पिछले दो गैर आधिकारिक टेस्टों में 83, नाबाद 204 और 136 जैसे स्कोर बनाए हैं।

रोहित बाहर; मयंक फ्लॉप, बढ़ेंगी मुश्किलें

ओपनर रोहित शर्मा के चोटिल होकर इस दौरे से बाहर हो जाने के बाद भारत को फिलहाल ओपनिंग की समस्या से जूझना है। मयंक अग्रवाल और रोहित ने जब से एक साथ ओपनिंग शुरू की थी, तब से किसी और ने भारत के लिए टेस्ट मैचों में उनसे ज्यादा रन नहीं बनाये हैं। इस दौरान दोनों का औसत 90 के आसपास रहा है। कीवी परिस्थितियां दोनों की परीक्षा लेतीं लेकिन रोहित पिंडली की चोट के कारण बाहर हो चुके हैं। घरेलू स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले मयंक का इस दौरे में अब तक निराशाजनक प्रदर्शन रहा है। मयंक ने क्राइस्टचर्च में न्यूजीलैंड के खिलाफ गैर आधिकारिक टेस्ट में दोनों पारियों में शून्य बनाए थे और वनडे सीरीज में वह 32, 3 और 1 के मामूली स्कोर बना पाए थे। इन मैचों में मयंक को अपने स्कोर से ज्यादा अपने आउट होने के तरीके पर हैरानी हुई होगी।

तेज गेंदबाज बढ़ा रहे परेशानी

पिछले कुछ समय में और घरेलू टेस्ट मैचों में भारत का तेज आक्रमण दुनिया में सर्वश्रेष्ठ माना जा रहा था, लेकिन अचानक इस तेज आक्रमण में दरारें दिखाई देने लगी हैं। इशांत शर्मा चोटिल है और उनका 15 फरवरी को फिटनेस टेस्ट होना है और बंगलूर स्थित राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद ही वह पहले टेस्ट में खेल पाएंगे। यदि उनकी टखने की चोट पूरी तरह ठीक नहीं होती है, तो वह एक या दोनों टेस्टों से बाहर रहेंगे। भारत की इस समय सबसे बड़ी चिंता उसके शीर्ष तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की फार्म है, जो अपने करियर में पहली बार किसी वनडे सीरीज में कोई विकेट हासिल नहीं कर पाए। यह उनका भारत के 2019 में अगस्त-सितंबर में वेस्टइंडीज दौरे में दूसरे टेस्ट के बाद पहला टेस्ट होगा। टीम के अन्य तेज गेंदबाज उमेश यादव का घरेलू स्तर पर प्रदर्शन तो अच्छा रहा था, लेकिन विदेशी जमीन पर वह निराश करते हैं। अनकैप्ड नवदीप सैणी के पास गति है, लेकिन यदि  उन्हें एकादश में जगह बनाने के बारे में सोचना है तो उन्हें अभ्यास मैच में प्रभावशाली प्रदर्शन करना होगा।

अश्विन या जडेजा फैसला मुश्किल

भारत को अपनी स्पिन गेंदबाजी में लेफ्ट आर्म स्पिनर रवींद्र जडेजा और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन में भी चुनाव करना है। पिछले  वेस्टइंडीज दौरे में जडेजा को एकादश में जगह मिली थी, जबकि अश्विन बाहर रहे थे। जडेजा ने दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू सीरीज में अश्विन की तरह प्रभावशाली प्रदर्शन किया था, लेकिन बल्ले से उनका योगदान उन्हें अश्विन पर प्राथमिकता दिला सकता है।