Tuesday, September 17, 2019 01:52 PM

अवैध कब्जे रेगुलर करने को बनेगी कमेटी

स्पॉट वेरिफिकेशन करेगी कमेटी, पात्र पाए जाने वालों के कब्जों को रेगुलर करने के लिए चलेगी प्रक्रिया

बिलासपुर -भाखड़ा विस्थापितों द्वारा किए गए अवैध कब्जों को नियमित करने को लेकर जिला प्रशासन के समक्ष आए आवेदनों की स्पॉट वेरिफिकेशन के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। ताजा स्थिति में प्रशासन के पास 99 आवेदन आए हैं, जबकि इससे पूर्व 1051 आवेदन विचाराधीन हैं। स्पॉट वेरिफिकेशन के बाद पात्र पाए जाने पर ही अवैध कब्जों को नियमित करने के लिए कवायद शुरू की जाएगी। जानकारी के मुताबिक भाखड़ा विस्थापित बहुत शहर बिलासपुर में सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को रेगुलर करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा संशोधित की गई नीति के तहत 99 लोगों ने आवेदन किए हैं, जबकि 1051 ने पहले ही आवेदन कर रखे हैं। जिला प्रशासन ने आवेदन करने के लिए 31 अगस्त तक की डेडलाइन तय की थी। जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट तौर पर कहा गया था कि निर्धारित तिथि बीतने के बाद आने वाले किसी भी आवेदन पर गौर नहीं किया जाएगा। यहां बता दें कि प्रदेश सरकार ने गत वर्ष पालिसी में आवश्यक संशोधन किए हैं। इसके तहत ऐसे कब्जे नियमित किए जाएंगे, जिनसे किसी दूसरे को बड़ी परेशानी न हो तथा संबंधित कब्जा ड्रेनेज, सार्वजनिक रास्तों, सड़क व पार्क आदि में न किया गया हो। इसके अतिरिक्त नई संशोधित नीति में विस्थापित और गैर विस्थापित की शर्त भी हटा दी गई है, जबकि इससे पहले बनी नीति में केवल विस्थापितों के कब्जे ही नियमित किए जाने का प्रावधान था। पुरानी नीति की कुछ कड़ी शर्तों के कारण इस नीति का लाभ नाम मात्र ही मिल रहा था, जिस पर सर्वदलीय भाखड़ा विस्थापित समिति व बिलासपुर बचाओ संघर्ष समिति ने एतराज जताया था, जिस पर प्रदेश सरकार ने पुरानी नीति में संशोधन कर इसमें कुछ राहत प्रदान की है। इसकी अधिसूचना 28 जुलाई, 2018 को जारी हुई थी। प्रदेश सरकार द्वारा संशोधित की गई इस नीति के तहत अब जिला प्रशासन ने आवेदन प्राप्त करने के बाद आगामी कार्यवाही आरंभ कर दी है।  हाल ही विधानसभा सत्र के दौरान झंडूता के विधायक द्वारा उठाए गए विस्थापितों के कब्जों को रेगुलर करने के मसले पर राज्य सरकार  ने एक कमेटी का गठन करने का आश्वासन दिया है। बिलासपुर जिला प्रशासन की ओर से कमेटी का गठन किया जाएगा, जो कि स्पॉट विजिट कर वेरिफिकेशन करेगी कि संबंधित अवैध कब्जा मेजर है या फिर माइनर। जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई कमेटी की स्पॉट विजिट रिपोर्ट के बाद ही इसकी पूरी फाइल तैयार की जाएगी और पात्र लोगों के अवैध कब्जे नियमित किए जाएंगे।