Tuesday, September 17, 2019 01:46 PM

अवैध शिक्षक संघों पर लगे रोक

हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने सरकार से उठाई मांग;न सदस्यता,न चुनाव और न ही अपना संविधान

हमीरपुर -हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ सरकार से मांग करता है कि शिक्षा जगत में उन शिक्षक संघों के ऊपर प्रतिबंध लगाएं जो स्वयंभू शिक्षक नेताओं के द्वारा तैयार किए गए हैं। आज स्कूली शिक्षा में लगभग पांच कैडर है जबकि लगभग 36 शिक्षक संघ इस वक्त स्कूली शिक्षा में चल रहे हैं। आज अनेक शिक्षक नेताओं ने अपनी सुविधा अनुसार विषयवार संघ का निर्माण किया है। अनेक संघ ऐसे हैं जिसमें न तो सदस्यता है न ही चुनाव होते हैं और न ही उनका कोई अपना संविधान है। यह संघ  स्वयं निर्मित  व  स्वयं संचालित कुछेक शिक्षक नेताओं के द्वारा चलाए जाते हैं। शिक्षा जगत में ऐसे अनेक संघ है जिनकी कोई संबद्धता नहीं है। इसलिए अनेक अवैध शिक्षक संघों का निर्माण हो रहा है जो महज अखबारों तक नेतागिरी के लिए सीमित है। इन संघों के अनेक पदाधिकारी हैं जो कि प्रतिवर्ष लगभग 10 से 20 विशेष अवकाश ग्रहण करते हैं। पदाधिकारियों की संख्या हजारों में है। ऐसी स्थिति में लगभग हर रोज अनेक शिक्षक शिक्षण कार्य को छोड़कर अवैध तरीके से निर्मित संघ की गतिविधियों में लगे रहते हैं। इससे अध्यापक का मूलभूत कार्य बाधित होता है। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ माननीय उच्च न्यायालय का व सरकार का धन्यवाद करना चाहता है कि जुलाई 2010 में जो निर्णय आया उसको सरकार ने यथावत स्वीकृत किया। इससे कुछ लोग जो दोहरा लाभ ले रहे थे उन पर प्रतिबंध लगा। यह मुट्ठी भर लोग ही अपने दोहरे लाभ के लिए विभिन्न संघों का निर्माण करके सरकार को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त कई संघ के सदस्यों की संख्या इतनी कम है कि वे कई वर्षों से स्वयंभू नेता बने हुए हैं। इन संघों में न तो सदस्यता अभियान चलता है और ना ही किसी तरह का चुनाव होता है। इस कारण निजी हित के लिए  यह लोग सदा के लिए अपने संघ के उच्च पदों पर आसीन हैं और महज अपने स्थानांतरण वह निजी कार्यों को करवाते हैं।