Tuesday, February 18, 2020 07:20 PM

अशांति दूर करने को सरकार कड़े कदम उठाए

रूप सिंह नेगी, सोलन

ऐसा लगना स्वाभाविक सा लगता है कि सरकार ने तथाकथित वोट केंद्रित मुद्दों को आगे लाकर आर्थिक सुस्ती, महंगाई,  बेरोजगारी, भुखमरी आदि जनता से जुड़े मुद्दों को दरकिनार कर देश के विकास पर विपरीत असर डालने का काम किया है। हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद, जातपात के मुद्दों को उछाल कर और देश के विश्वविद्यालयों के छात्रों को सड़क पर आने से देश में शांति का माहौल खराब होना स्वाभाविक होता है और ऐसे माहौल में यदि हम यह आशा कर बैठें कि देश व विदेश के लोग निवेश के लिए आएंगे तो यह सोचना गलत होगा। सरकार को देश में अशांति के माहौल को विराम देने के लिए उचित कदम उठाने की जरूरत होगी, और  देश की 130 करोड़ जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए जनता से जुडे़ मुद्दों पर सरकार को ध्यान देने की जरूरत होगी।