Friday, January 17, 2020 07:23 PM

अस्पताल में भर्ती होने से इनकार

मंडी—अंशकालीन जलवाहक कम सेवादार संघ का आंदोलन जारी है।  24 घंटे से आमरण अनशन पर बैठे छह कर्मचारियों के स्वास्थ्य जांच के लिए मंगलवार को एंबुलेंस के माध्यम से मंडी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इस दौरान जलवाहकों ने अस्पताल में भर्ती होने से मना कर दिया। इसके उपरांत  चिकित्सकों ने पदाधिकारियों को वापस भेज दिया है। बता दें कि  अंशकालीन जलवाहकों ने बीते सोमवार को अपने संघर्ष को तेज करते हुए क्रमिक अनशन को आमरण अनशन में बदल दिया है। नौ जलवाहक आमरण अनशन पर बैठे हैं। इसमें मंडी व बिलासपुर जिला के जलवाहक शामिल हैं। मांगें पूरी न होने तक आमरण अनशन जारी रहेगा। इससे पहले अंशकालीन जलवाहक कम सेवादार पिछले एक हफ्ते से मांगों को लेकर मंडी के सेरी चानणी में क्रमिक अनशन पर थे। उन्होंने सरकार को 14 जुलाई तक मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन मांगें पूरी न होने पर उन्होंने अब आमरण अनशन शुरू कर दिया है। संघ के जिला अध्यक्ष भुट्टो राम ने बताया कि अब तक चिकित्सकों की टीम भी यहां जांच के लिए नहीं पहुंची, न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी पहुंचा। उनके साथ कुछ विधवा महिलाएं भी आमरण अनशन पर बैठी हैं। उन्होंने कहा कि जल्द उनकी मांगें पूरी नहीं होती तो पूरे प्रदेश में आमरण अनशन शुरू होगा। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, वे अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने मांग की है कि 10 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके जलवाहकों को नियमित किया जाए। अगर शिक्षा विभाग में खाली पद नहीं है तो बिना शर्त अन्य विभागों में भेजने की व्यवस्था की जाए। अंंशकालीन जलवाहकों को पांच वर्ष बाद दैनिक भोगी और तीन वर्ष के बाद नियमित किया जाए। जलवाहकों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष की जाए। रविंद्र कुमार, सुमना कुमारी, प्यार चंद, रीता देवी, पवन, चेत राम, कमल किशोर, सुरेश व गुड्डू राम आमरण अनशन पर बैठे हैं।