Tuesday, November 19, 2019 03:03 AM

आंगनबाड़ी में नहीं बांटी सोयावड़ी

 किन्नौर जिला के निचार उपमंडल में पोषण अभियान की खुली पोल, 17 आंगनबाड़ी केंद्रों में मसाले और सब्जियां भी न मिलीं

भावानगर -जिला किन्नौर के निचार उपमंडल में पोषण अभियान के सरकारी दावे हवा होते नजर आ रहे हैं। बाल विकास परियोजना अधिकारी निचार स्थित भावानगर के अंतर्गत भावानगर वृत्त के तहत आने वाले 17 आंगनबाड़ी केंद्रों में पिछले काफी समय से सरकार द्वारा मुफ्त दिया जाने वाला पोषाहार जैसे सोया बड़ी, मसाला व सब्जियां इत्यादि नहीं बांटा गया है। बताया जा रहा है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्य कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को पोषाहार के पिछले बिलों का भुगतान नहीं किया गया है जिसके कारण भावानगर वृत्त के तहत आने वाले सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के कर्मचारियों ने पिछले लगभग एक साल से किसी भी लाभार्थी को पोषाहार नहीं बांटा है। बताते चलें कि भावानगर वृत्त के अंतर्गत लगभग 400 से 450 लाभार्थी विभागीय लापरवाही के चलते सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना से वंचित हैं। सूत्रों की माने तो बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय भावानगर के तहत आने वाले अन्य 4 वृत्तों में भी इसी प्रकार की हो सकती है। जहां सरकार द्वारा कुपोषण के खिलाफ कार्य करते हुए एक माह तक पूरे प्रदेश में पोषण अभियान चलाया गया वही भावानगर कार्यालय के तहत आने वाले विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में पिछले लगभग एक साल से पोषाहार नहीं बांटा गया है। इस विषय को लेकर कई बार स्थानीय अधिकारी से लिखित में भी गुहार लगाई गई परंतु अभी तक इसका कोई नतीजा नहीं निकल पाया है इतना ही नहीं आंगनबाड़ी कर्मचारियों के संगठन द्वारा संगठन के माध्यम से भी जिला किन्नौर के आला अधिकारी को इस विषय में हस्तक्षेप करने को कहा गया परंतु अभी तक यह मामला सुलझ नहीं पाया है। संबंधित केंद्रों की आंगनवाड़ी कर्मचारियों ने बताया कि उनके लंबित बिलों का पिछले काफी समय से भुगतान नहीं हो पाया हैए यदि विभाग द्वारा भुगतान किया भी गया है तो उसकी जानकारी संबंधित कर्मचारियों को नहीं दी गई है तथा न ही विभाग द्वारा पोषाहार के लिए कोई अग्रिम राशि जारी की गई है। इसी वजह से पिछले काफी समय से लगभग 400 से 450 लाभार्थियों को सोया बड़ी,  मसाले व सब्जी इत्यादि पोषाहार नहीं बांटा गया है। इस विषय में संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी भावानगर देव भगत नेगी से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने बार-बार फोन करने पर भी फोन नहीं उठाया। कार्यालय के लैंडलाइन फोन को भी किसी ने नहीं उठाया।