Tuesday, June 02, 2020 11:45 AM

आईजीएमसी में इलाज को घंटों इंतजार, मरीज बेहाल

शिमला - शिमला के  आईजीएमसी अस्पताल में गुरुवार को मरीजों की काफी भीड़ देखी गई। यह मरीज अस्पताल में इलाज के लिए बड़ी उम्मीद के साथ पहुंचे थे। लेकिन अस्पताल पहुंच कर मरीजों को लंबी लाइनों में घंटों इतंजार करना पड़ा। अधिकतर लोगों को बिना डाक्टर के इलाज के बिना ही वापस घर  लौटना पड़ा है। दरअसल अब लोगों को शहर के आईजीएमसी और केएनएच अस्पताल में ही इलाज के लिए जाना पड़ रहा है। जबकि पहले मरीजों को शहर के सबसे नजदीकी अस्पताल डीडीयू में भी इलाज की सुविधा मिल जाती थी। लेकिन जब से इस अस्पताल को कोविड-19 सेंटर बनाया गया है। उसके बाद से लेकर अब वहां पर जो कि जोनल अस्पताल है यहां पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खास तौर पर जो मरीज दूर दराज से आ रहे हैं वह गाड़ी करके अस्पताल पहुंच रहे हैं। लेकिन जब वह डीडीयू पहुंचते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि यहां इन दिनों इलाज नहीं हो रहा है। ऐसे में लोगों को आईजीएमसी अस्पताल भेजा जा रहा है। मरीज जैसे ही आईजीएमसी अस्पताल पहुंचता है वहां जा कर उसे घंटों लाइनों में खडे़ होना पड़ रहा है। उसके बावजूद  मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा है जिससे मरीजों में काफी निराशा है। वहीं पिछले काफी समय से अस्पताल की ओपीडी बंद होेने से भी मरीजों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही थी। ऐसे में अब जहां मरीजों के लिए राहत है कि अस्पताल में ओपीडी खुल गई है। लेकिन यहां पर भी मरीजों को आसानी से इलाज नहीं मिल पा रहा है।  लोकडाउन लगाया गया है बावजूद इसके जो लोग बाहरी राज्यों से हिमाचल पहंच रहे हैं उनमें कोरोना के लक्षण होने से संक्रमण फैलता जा रहा है और आने वाले दिनों में यह और भी गंभीर रूप धारण कर सकता है। एेंसे में लोगों में भी काफी खौफ का माहौल है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग व सरकार लोगों से बार-बार यह अपील कर रही है कि इस संक्रमण से बचने के लिए सामाजिक दूरी को बनाए रखें साथ ही अपनी सफाई का विशेष ध्यान रखें। आईजीएमसी अस्पताल में भी गुरुवार को लाइनों में खड़े लोगों को सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए सुरक्षा कर्मी व पुलिस कर्मियों द्वारा बार-बार आग्रह किया जा रहा है।

अस्पताल में थर्मल स्कैनिंग से प्रवेश

अस्पताल में कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए हर सभंव प्रयास किया जा रहा है। मरीजों के अस्पताल में प्रवेश से पहले ही थर्मल स्कैंनिंग की जा रही है। उसके बाद ही मरीजों को अस्पताल के अंदर जाने दिया जा रहा है।