Thursday, July 16, 2020 09:52 PM

आईजीएमसी में बढ़ी आंखों के मरीजों की तादाद

 ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों की आंखों पर पड़ रहा असर, आई विभाग में किया जा रहा एमर्जेंसी ट्रीटमेंट

शिमला-प्रदेश भर के छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई करने से आंखों संबंधि रोगों से जूझना पड़  रहा है। एक तरफ जहां छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो वहीं दूसरी तरफ इस प्रक्रिया से छात्रों की आंखों पा काफी दिक्कतें आ रही है। शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में भी इन दिनों आंखों की समस्या को लेकर युवा पहुंच रहें है। जो छात्र अस्पताल नहीं पहुंच रहा है। वह डाक्टर से मोबाइल फॉल के जरिए अपनी आंखों की दिक्कतों को रख रहा है। खासतौर पर 12 व 13 वर्ष आयु तक  के छात्रों की आंखों संबंधी दिक्कतें सामने आ रही है।  इसका कारण यह है कि लॉकडाउन के चलते छात्रों की पढ़ाई पर भी काफी असर पड़ा हुआ है। अधिकतर स्कूलों ने ऑनलाइन क्लासेस की शुरुआत की गई। लेकिन अब ऑनलाइन क्लासेस के साइड इफेक्ट भी देखने को मिल रहे हैं। शिमला के आईजीएमसी अस्पताल के आई विभाग के विशेषयज्ञ डा. रामलाल ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई से जहां छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो इस बात का ध्यान रखा गया। लेकिन इससे छात्रों की आंखों पर भी बूरा प्रभाव पड़ा है। वहीं बता दे कि शिमला के आईजीएमसी अस्पताल के आई विभाग में इन दिनों एमर्जेंसी ट्रीटमेंट किया जा रहा है। कोरोना के खौफ से अधिकतर लोग अस्पताल का रुख कम कर रहें है। डाक्टर ने बताया कि ऑनलाइन स्टडी का विकल्प पूरी तरह सही नहीं है। जितना यह लाभदायक है उतना ही घातक भी है। ऐसे में डाक्टर बच्चों की आंखों का खास ध्यान रखने की जरूरत है। जरूरी है कि आंखों को साफ पानी से धोए, गन्दे हाथों से आंखों को न छूए।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

 मोबाइल को लैपटॉप, डेस्कटॉप या एलईडी से कनेक्ट करके पढ़ाई करवाएं।

  बीच-बीच में बच्चों को ब्रेक जरूर दिलाएं

  माता-पिता बच्चों के बैठने के तरीके पर नजर रखें

 चेक करते रहें कि बच्चे कहीं गेम या चैट पर समय तो नहीं बिता रहे

  ऑनलाइन प्रश्न उत्तर को कॉपी पर लिखवाकर करवाएं काम

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