Tuesday, March 31, 2020 11:57 AM

आखिर क्या है कोरोना

डा. मनोज डोगरा

लेखक, हमीरपुर से हैं

भारत में भी अब तक कोरोना के कई ताजा मामले सामने आ चुके हैं। दुनिया भर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 94,000 के पार चली गई है। ईरान में अब तक कोरोना से 92 और दक्षिण कोरिया में 32 लोगों की मौत हो चुकी है। सियेटल में फेसबुक के एक इंप्लाई में कोविड-19 का संक्रमण पाया गया है। सिर्फ  इटली में ही अब तक कोरोना से 107 लोगों की मौत हो गई है। चीन के हुबेई प्रांत में अब तक कोरोना से प्रभावित लोगों की संख्या 67,466 हो गई है। चीन के हुबेई प्रांत में अब तक कोरोना से मरने वाले लोगों की संख्या 2,902 हो गई है। चीन में कोरोना वायरस के कहर से मरने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। अब तक 22 देशों में इसके संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन पहले ही इसे एमर्जेंसी घोषित कर चुका है। भारत में भी अब तक इसके कुछ मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए इसे फैलने से रोकना एक बड़ी चुनौती बन गई है। हालांकि, चीन इसे रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा है। दुनिया भर में कोरोना वायरस के केस लगातार सामने आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस को अंतरराष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है। चीन से बाहर 22 देशों में कोरोना वायरस के कई मामलों की पुष्टि हुई है। इन देशों में थाईलैंड, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, अमरीका, फ्रांस, जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। पहले जानना आवश्यक है कि यह कोरोना वायरस है क्या? कोरोना वायरस ‘सीओवी’ का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ  जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है। इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ  इसके लक्षण हैं। अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है। इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है। यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था। इसके दूसरे देशों में पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके मुताबिक, हाथों को साबुन से धोना चाहिए। अल्कोहल आधारित हैंड रब का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। खांसते और छींकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्यू पेपर से ढककर रखें। जिन व्यक्तियों में कोल्ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें। अंडे और मांस के सेवन से बचें। जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें। बात चीन की करें तो चीन में इस वायरस के चलते पर्यटकों की संख्या घट सकती है। इसका सीधा असर चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। पहले ही चीन की अर्थव्यवस्था सुस्ती के दौर में है। साथ में ही कई देशों ने अपने नागरिकों से चीन नहीं जाने के लिए कहा है। कई देशों ने वुहान से आने वाले लोगों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। रूस ने चीन के साथ अपने पूर्वी बॉर्डर को भी बंद कर दिया है। लगभग 18 साल पहले सार्स वायरस से भी ऐसा ही खतरा बना था। 2002-03 में सार्स की वजह से पूरी दुनिया में 700 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।