Sunday, October 21, 2018 05:28 PM

आग लगाने वाले की सूचना देने पर मिलेगा इनाम

नाम रखा जाएगा गुप्त, जंगलों की घटनाओं की जांच के लिए संयुक्त समिति गठित

बिलासपुर - जानबूझकर आग लगाकर जंगलों की लाखों-करोड़ों की वन संपदा को खाक करने वालों की सूचना देने वाले लोगों को पुरस्कार मिलेगा। जंगलों की सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने यह अहम फैसला लिया है। सूचना देने वालों का नाम गुप्त रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त वनों में अतिक्रमण कर घास ज्यादा उगने की लालच में आकर आग लगाने वालों की पहचान करने के लिए संयुक्त समिति का गठन किया है। यह समिति अगले 15 दिन के अंदर जिला प्रशासन को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। जिलाधीश विवेक भाटिया ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पटवारी, फोरेस्टगार्ड और पंचायत सचिव की एक संयुक्त कमेटी गठित की है। वनों में आग की घटनाओं पर कड़ा संज्ञान लिया है। इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि स्थानीय असामाजिक तत्त्वों द्वारा जंगलों में अपने निजी स्वार्थ के लिए आग लगाई जा रही है, लेकिन आमजन का कर्त्तव्य एवं दायित्व बनता है कि वे उन लोगों की पहचान कर इसकी सूचना संबंधित विभागों तक पहुंचाएं, ताकि आग लगाने वाले लोगों के खिलाफ  दंडित करने के लिए कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जा सके। उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देश दिए हैं कि स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा वन भूमि में किए गए अवैध कब्जों की पहचान करने के उपरांत शीघ्रता से अतिक्रमण को समाप्त करने की कार्रवाई की जाए।

सूचना देने को जारी किया व्हाट्सऐप नंबर

बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि आगजनी की घटनाओें को अंजाम देने वाले असामाजिक तत्त्वों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा, ताकि उन्हें कड़ी सजा दी जा सके। इसके साथ ही एक व्हाट्सऐप नंबर 98826-56789 जारी किया गया है। इस नंबर पर कभी भी किसी भी समय जंगल में आग लगाने वालों की फोटो खींचकर भेज सकते हैं। इसके अलावा कमांडेंट होमगार्ड राहुल, एसीएफ  शुकल्प कुमारने विस्तृत रूप से चर्चा की।

पंचायत स्तर पर गठित होंगी समितियां

अब पंचायत स्तर पर आपदा प्रबंधन समितियों का गठन किया जाएगा। पंचायत प्रधान, उपप्रधान, वार्ड पंच व पंचायत सचिवों को आगजनी की घटनाओं पर नियंत्रण करने व रोकने के लिए जिला आपदा प्रबंधन समिति द्वारा आग बुझाने के बारे मेें  प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि वे ग्रामीण स्तर तक लोगों, बच्चों व स्वयंसेवी संस्थाओं को जागरूक कर सकें।

ग्रामीण स्तर पर जल स्रोत होंगे चिन्हित

अग्निशमन विभाग की आग बुझाने वाली गाडि़यों के जल भंडारण टैंकों में पुनः पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाने के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्रभारी, अग्निशमन विभाग, पंचायती राज विभाग, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी आपसी समन्वय स्थापित कर ग्रामीण स्तर पर जल स्रोतों को चिन्हित करेंगे, ताकि आगजनी की घटनाओं के दौरान शीघ्र पानी की आपूर्ति संभव हो सके। उन्होंने विद्युत बोर्ड के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए हैं कि बिजली ट्रांसफार्मर के समीप की झाडि़यों व पेड़ों की टहनियों की उचित साफ-सफाई सुनिश्चित करें।

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