Sunday, July 05, 2020 01:14 PM

आजादी के 72 साल बाद भी अपना घर नहीं

ठाकुरद्वारा-जिला कांगड़ा के विकास खंड फतेहपुर के अधीन पड़ती ग्राम पंचायत नंगल का एक परिवार आजादी के इतने साल बीत जाने के बाद भी एक सराय में रहने को मजबूर हैं ।  इस परिवार की हालत पर आज तक किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। प्रशासन ने भी आज तक इस परिवार को अनदेखा ही किया है। बिट्टू सिंह पुत्र सत्य नारायण सिंह जो कि विकास खंड फतेहपुर के अधीन पड़ती ग्राम पंचायत नंगल का निवासी हैं ओर वर्षों से पंचायत द्वारा की जा रही अनदेखी के कारण इस गरीब परिवार को मजबूरन गांव की एक सराय में रहकर अपना जीवन व्यतीत करना पड़ रहा है। गरीबी के चलते प्रशासन की अनदेखी का शिकार हो रहे। बिट्टू का कहना है कि हम अपनी समस्यायों को बताने के लिए सैकड़ों बार पंचायत घर में जा चुके हैं, लेकिन हमें आज तक निराशा ही हाथ लगी है। यही नहीं भूमि की अलाटमेंट हेतु कई बार हम पटवार सर्किल के चक्कर भी काट चुके हैं, लेकिन राजस्व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा भी हमें आज तक नजरअंदाज ही किया जाता रहा है । उन्होंने बताया के उनके परिवार में कुल पांच सदस्य है, जिनमें से तीन महिलाएं हैं आजकल शौचालय की व्यवस्था हर घर में हैं परंतु यहां शौचालय तो दूर की बात  घर की व्यवस्था भी नहीं है। एक तरफ  सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देती है और विभिन्न विज्ञापनों के माध्यम से हिमाचल को शौच मुक्त होने  और महिलाओं की सुरक्षा की बात करती है, वहीं यह परिवार पिछले सात महीनों से गांव की एक सराय के एक कमरे में बिना शौचालय के रह रहा है। इसके अलावा राशन कार्ड के माध्यम से उन्हें सस्ता राशन तो मिलता है, परंतु कोई सही ठिकाना न  होने की वजह से कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है । इस समय सरकार द्वारा चलाई गई भूमिहीन परिवारों को पांच मरला भूमि योजना के तहत परिवार पंचायत से आग्रह कर चुका है, परंतु उसमें भी कोई हल नहीं हुआ।  नोबेल कम्युनिटी फाउंडेशन बडूखर के अध्य्क्ष मंगल सिंह के माध्यम से भी सरकार से अपील की है कि जल्द ही उन्हें आवास, शौचालय और जमीन की अलॉटमेंट की सहुलते उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि हम भी इस गरीबी से निकलकर सुखमयी जीवन व्यतीत कर सकें।