Sunday, July 05, 2020 01:48 PM

आज से दौड़ेगी एचआरटीसी, प्राइवेट ऑपरेटर भी हुए तैयार, 60 फीसदी सवारियों से चलेंगी गाडि़यां

सभी बस अड्डों पर परिवहन अधिकारियों ने जांची व्यवस्थाएं, 60 फीसदी सवारियों से चलेंगी गाडि़यां

शिमला – हिमाचल पथ परिवहन निगम लिमिटेड काम पर लौट आई है। रविवार को प्रदेश के सभी एचआरटीसी डिपुओं में कर्मचारी काम पर लौट आए। यहां तक कि चालकों व परिचालकों को लाने के लिए एचआरटीसी की बसें भी गई हैं। जिला मुख्यालयों को सुबह से ही बसों की आमद शुरू हो गई थी। शाम तक बस अड्डों पर बसों का बेड़ा खड़ा हो गया, जो सोमवार से प्रदेश की जनता को सुविधा देने के लिए तैयार है। सरकार ने सुबह सात से शाम सात बजे तक इनके संचालन की छूट दी है। हालांकि कर्फ्यू की छूट 14 घंटे की है, मगर ट्रांसपोर्ट 12 घंटे तक ही चलेगा, ताकि बस स्टैंड से एक घंटा घर जाने के लिए लोगों को मिल जाए। इस दौरान एक जिला से दूसरे जिला में जाने की छूट होगी। वहीं, एक तरफ एचआरटीसी अपनी पूरी स्ट्रेंथ के साथ सड़कों पर दौड़ने के लिए तैयार है, तो दूसरी ओर प्राइवेट बस ऑपरेटरों में अभी भी संशय चल रहा है। क्योंकि 60 फीसदी सवारियों के साथ उनको चलना है, जो उनके लिए घाटे का सौदा है। फिर भी प्रदेश के प्राइवेट बस ऑपरेटर अपनी आधी स्ट्रेंथ के साथ चलेंगे। जिला मुख्यालयों में रोटेशन के आधार पर प्राइवेट बसों को चलाने को कहा गया है। वहीं, इन बसों में तय क्षमता के अनुसार शहर में 18 ही सवारियां एक बस में बैठ सकेंगी। राजधानी शिमला में प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने 50 बसें चलाने का निर्णय लिया है। इन बसों को भी बस अड्डों पर सेनेटाइज किया जाएगा। रविवार को बस अड्डों की व्यवस्थाएं देखने के लिए एचआरटीसी की अफसरशाही फील्ड में उतरी। वहीं, रविवार को जगह-जगह फंसी एचआरटीसी की बसें बस अड्डों पर पहुंची। चालक व परिचालक अपनी डयूटी पर लौट आए। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों से प्राइवेट बस अड्डों पर पहुंची बसों की सेनेटाइजेशन नहीं हो सकी। अब सबसे बड़ा सवाल है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खड़ी प्राइवेट बसों की सेनेटाइजेशन कैसे हो। सोमवार को जो बसें ग्रामीण क्षेत्रों से चलेंगी, वे मुख्यालयों तक बिना सेनेटाइजेशन के ही पहुंचेगी, क्योंकि प्राइवेट आपरेटरों के पास ऐसा कोई साधन नहीं है।

बस अड्डों के लिए यह होगा प्रोटोकॉल

* जिला प्रशासन तय करेगा कि बस अड्डों में एंट्री व एग्जिट कहां से होगा। स्वास्थ्य  एवं पुलिस महकमा यहां पर स्वास्थ्य जांच, स्क्रीनिंग व कानून व्यवस्था को बनाए रखना सुनिश्चित बनाएंगे।

* आरोग्य सेतु ऐप में रेड स्टेटस के व्यक्ति को बस यात्रा के लिए मंजूरी नहीं होगी। पैसेंजर बस अड्डे पर सिंगल एंट्री में ही प्रवेश करेंगे।

* बस अड्डों में हर टॉयलेट को समय-समय पर नियमित रूप से सेनेटाइज किया जाएगा। एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक सुनिश्चित करेंगे कि वहां पर मास्क का पूरा प्रबंध हो, हैंड सेनेटाइजर हों व साबुन हों। बस अड्डे पर बिक्री के लिए यह सामान  उपलब्ध होना चाहिए।

* हर बस अड्डे में पब्लिक अनाउंसमेंट का प्रावधान होगा वहीं पर एक गज की दूरी को यहां पर बनाए रखना जरूरी होगा।

* बस अड्डों पर कतार लगानी जरूरी होगी। वहीं कोई भी बिना मास्क के बस अड्डे में प्रवेश नहीं कर पाएगा। कैश काउंटर पर बैठे कर्मियों को पूरी सुरक्षा दी जाएगी।

पैसेंजर विशेष ध्यान रखें

बसों में यात्रा करने वाले सभी लोग मास्क में रहेंग। वहीं, यात्रियों को हैंडवॉश व सेनेटाइजर भी साथ रखने होंगे, ताकि समय-समय पर उनका प्रयोग कर सकें। जिन सीटों पर लिखा होगा कि यह खाली रहेंगी, उनका इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। एक दूसरे से दूरी बनाए रखना जरूरी होगा और किसी भी बीमार व्यक्ति के बारे में सूचित करना होगा। साथ में बैठा व्यक्ति यह सूचित करेगा।

ऐसे चढ़ना-उतरना होगा

बसों में चढ़ना व उतरना अगले दरवाजे से होगा, कुछ सीटों पर नॉट टू बी यूज्ड का स्टिकर लगा होगा, तीन सीटों में केवल दो ही लोग बैठेंगे, जिसमें बीच की सीट खाली रहेगी। यात्रा के समय खिड़कियां खुली रहेंगी, तय ठहराव में ही बसें रुकेंगी। कंटेनमेंट जोन में यात्रियों व चढ़ाना व उतारना पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा। संबंधित ढाबों पर पूरी साफ सफाई को सुनिश्चित बनाया जाएगा

18 सीटर बस में सिर्फ 11 लोग ही बैठेंगे

शिमला – शिमला पुलिस ने शहर में चलने वाली बसों में यात्रियों की संख्या को निर्धारित कर दिया है। इसके अनुसार 18 सीटर कैपेसिटी की बस में 11 यात्री ही बैठ सकेंगे। वहीं 20 सीटर में 12 यात्री, 30 सीटर में 18, 34 सीटर में 20, 37 सीटर में 22 तथा 47 सीटर बस में 28 यात्री सफर कर सकेंगे। इससे अधिक किसी बस में कोई यात्री होगा, तो उस पर पुलिस नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगी।

पहुंच गए ड्राइवर-कंडक्टर

बहुत ही जरूरी हो तो तभी यात्रा करें लोग

सरकार ने लोगों को सुझाव दिया है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, यदि आवश्यक हो तो ही यात्रा करें। वरिष्ठ नागरिक, गर्भवती महिलाएं, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे एवं गंभीर बीमारी से त्रस्त लोग यात्रा न करें। प्रोटोकॉल पर अधिसूचना भी हो गई है। गौर हो कि राज्य में एचआरटीसी का बेड़ा 3200 से ज्यादा का है, वहीं प्राइवेट ऑपरेटरों का बेड़ा 3100 के करीब है। वहीं, सरकार ने बस किराया नहीं बढ़ाया है। सुबह सात से शाम आठ बजे तक बसों को चलाया जा सकता है, जिसके बाद बसें नहीं चलेंगी।

कंडक्टर-ड्राइवर के  लिए ये सावधानियां जरूरी

कंडक्टर मास्क लगाकर रखेंगे या फेस शील्ड लगाकर पूरा सफर करेंगे। उन्हें यात्रियों को भी जागरूक करना होगा और यात्रा के नियमों के बारे में बताएगा। प्रॉपर वेंटिलेशन करवाना उनका अधिकार होगा। चालकों के लिए बसों में अलग से फेबे्रकेटेड कैबिन हो, इसे सुनिश्चित बनाने को कहा गया है। प्राइवेट ऑपरेटर्ज को भी यह करना होगा, ताकि वह लोगों के संपर्क में न आए। उसके पास भी मास्क व सेनेटाइजर होना जरूरी है। डिजास्टर मैनेजमेंट की गाइडलाइन के अनुसार यह निर्देश दिए गए हैं।

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