Wednesday, April 24, 2019 05:47 AM

आज से पैदल पार कर सकेंगे रोहतांग

केलांग—रोहतांग दर्रे को सोमवार पहली अप्रैल से लोग आसानी से पैदल पार कर सकेंगे। या यूं कहें कि दर्रे को पार करने के लिए सोमवार से लोगों को अधिकारिक तौर पर मंजूरी मिल जाएगी। लाहुल-स्पीति प्रशासन ने रोहतांग दर्रे के दोनों छोरों पर जहां रेस्क्यू चैक पोस्ट को स्थापित कर दिया है, वहीं दर्रे को लांघने वाले लोगांे का इन रेस्क्यू चैक पोस्ट पर पंजीकरण भी किया जाएगा। लिहाजा लोगों को अब रेस्क्यू टीम के सदस्य रोहतांग दर्रे को पार करवाएंगे। रेस्क्यू चैक पोस्ट पर तैनात जवानों ने जहां रोहतांग दर्रे की रैकी कर अपनी पूरी तैयारी कर ली है, वहीं दर्रे को पैदल लांघने वाले लोगों के लिए रास्ता भी तैयार कर लिया गया है। ऐसे में अब लाहुल-स्पीति के लोगों को हेलिकाप्टर की उड़ानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। आसानी से लोग दर्रे के आर-पार हो जाएंगे। यहां बता  दें कि मनाली की तरफ से जहां वाहन मढ़ी तक पहुंच रहे हैं, वहीं रोहतांग दर्रा पार करने वाले लोगों को यहां से यातायात सुविधा उपलब्ध होगी। कोकसर व मढ़ी में स्थापित की गई रेस्क्यू चैक पोस्ट्स में तैनात जवानों को जहां प्रशासन द्वारा आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाए गए हैं, वहीं दर्रे पर रेस्क्यू अभियान चलाने में भी रेस्क्यू टीम के सदस्यों को महारत हासिल है। यहां बतादें कि हर वर्ष जहां कोकसर व मढ़ी में 15 मार्च को रेस्क्यू चैक पोस्ट्स स्थापित कर दी जाती थी, वहीं इस बार भारी बर्फबारी व खराब मौसम के कारण यहां चैक पोस्ट्स को स्थापित करने में प्रशासन को कुछ समय लग गया है। ऐसे में रोहतांग दर्रे को पैदल लांघने वाले लोगों को जहां अब सोमवार से आधिकारिक तौर पर अनुमति मिल जाएगी, वहीं रेस्क्यू टीम के सदस्य खुद लोगों को दर्रा सुरक्षित तरीके से पार करवाएंगे। 13050 फुट की ऊंचाई पर स्थित रोहतांग दर्रा जहां बर्फ से पूरी तरह लबरेज हैं, वहीं दर्रे को पैदल पार करना भी आसान नहीं है। आपकी हल्की सी गलती जान जोख्मि में डाल सकती है। लाहुल-स्पीति प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रख जहां रेस्क्यू चैक पोस्ट में तैनात जवानों को विशेष निर्देश दिए हैं कि खराब मौसम के बीच किसी को भी दर्रा पार करने न दिया जाए। यही नहीं, अगर दर्रे पर मौसम खराब होने की संभावना भी हो तो भी लोगों को दर्रे से दूर रखा जाए। रेस्क्यू टीम के जवानों को जहां वायरलेस सेट उपलब्ध करवाए गए हैं, वहीं दोनों तरफ के दलों को वॉकीटाकी सेट भी दिए गए हैं।

चैकपोस्ट पर करवाना होगा पंजीकरण

उधर, उपायुक्त लाहुल-स्पीति अश्वनी कुमार चौधरी ने बताया कि सोमवार से कोकसर व मढ़ी में रेस्क्यू चैक पोस्ट्स स्थापित कर दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि अब लोग असानी से रोहतांग दर्रे को जहां लांघ सकेंगे, वहीं रेस्क्यू टीम के सदस्य दर्रा पर करने वालों का पूरा ध्यान रखेंगे। लोगों को दर्रा पार करने से पहले इन रेस्क्यू चैक पोस्ट्स पर अपना पंजीकरण करवाना होगा। दर्रे के दोनों तरफ से रेस्क्यू टीम के सदस्य लोगों को सुरक्षित दर्रा पार करवाएंगे।

 प्रवेश द्वार है रोहतांग दर्रा

रोहतांग दर्रे को जहां लाहुल-स्पीति का प्रवेश द्वारा कहा जाता है, वहीं दर्रे पर भारी हिमपात होते ही लाहुल-स्पीति शेष विश्व से करीब छह माह के लिए सर्दियों में कटा रहता है। ऐसे में लाहुल-स्पीति के लोगों की दिक्कतों को देखते हुए जहां रोहतांग टनल का निर्माण किया जा रहा है, वहीं रोहतांग टनल के बनने के बाद दर्रे के बंद होने पर भी लोग असानी से लाहुल पहुंच सकते हैं। या यूं कहें कि लाहुल-स्पीति का संपर्क साल भर शेष विश्व से जुड़ा रहेगा।