Monday, October 21, 2019 11:29 AM

आठ रिक्टर के ‘भूकंप’ से हिली मंडी

प्रशासन ने आपदा से निपटने को विभिन्न जगहों पर किया मॉक अभ्यास

मंडी—गुरुवार को मंडी जिला में एक साथ विभिन्न जगहों पर भूकंप की मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें जिला मुख्यालय पर पांच और उपमंडलों में तीन-तीन जगहों पर भूकंप से प्रतीकात्मक नुकसान मानकर मॉक अभ्यास किया गया। इसमें करीब 100 लोगों को बचाने का अभियान संचालित किया गया। इस घटना के अनुरूप मंडी जिला में रात करीब साढ़े 12 बजे आठ रिक्टर तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र सुंदरनगर में जमीन के 25 किलोमीटर नीचे था, जिसे लेकर डीसी ऑफिस से आपातकालीन हूटर बजाया गया। फ ायर ब्रिगेड की गाडि़यों के सायरन बजा कर भी लोगों को सचेत किया गया। जिले में यह अभ्यास सुबह साढ़े आठ बजे आरंभ हुआ। करीब आधे घंटे के भीतर आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी संबंधित अधिकारी एवं विभाग अपने संसाधनों समेत पड्डल पहंुच गए थे। सायरन सुनते ही जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और अन्य विभाग तुरंत हरकत में आ गए। स्वयं को सुरक्षित करने के उपरांत आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सभी अधिकारी पड्डल मैदान में निर्धारित स्टेजिंग क्षेत्र में एकत्र हुए। यहां अधिकारियों को घटना के बारे में जानकारी दी और सभी योजना के अनुरूप निर्धारित कार्यों में जुट गए, जिसमें स्टेजिंग क्षेत्र में संबंधित एसडीएम एवं अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी अपने-अपने विभाग से जुड़े संसाधनों सहित एकत्र हो चुके थे। भूकंप के कारण जिले में चार स्थलों के प्रभावित होने की सूचना थी, जिनमें मंडी शहर में भूतनाथ गली, यूली पुल, बग्गी नहर, सुंदरनगर कालेज शामिल थे। इसके अलावा मंडी शहर में लोक निर्माण विभाग कार्यालय, डाइट मंडी और क्षेत्रीय अस्पताल को भी मॉक ड्रिल में शामिल किया गया। स्टेजिंग एरिया में पहुंच कर घटना स्थलों के लिए बचाव दलों का गठन किया गया और उन्हें जरूरी मशीनरी देकर प्रभावित स्थलों के लिए रवाना किया गया। इस दौरान प्रत्येक बचाव दल के साथ आपातकालीन वाहन, स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी घटना स्थलों के लिए रवाना की गईं। अभ्यास में 108 आपातकालीन सेवा का भी सहयोग लिया गया। पड्डल मैदान में चिकित्सा एवं राहत शिविरों की स्थापना की गई। जहां घायलों को लाया गया।  इस प्रकार सभी विभागों के सहयोग के साथ इस अभ्यास को पूरा किया गया।