Friday, September 20, 2019 12:51 AM

आदमखोर बारिश… 24 निगले

* शिमला जिला में सबसे ज्यादा 15 मौतें * बीबीएन में चार विभिन्न हादसों में पांच बने काल का ग्रास  * चंबा के मैहला में पहाड़ी के मलबे में दबे दादा-पोती, सियूंर में नाले में बही महिला, मणिमहेश यात्रा पर रोक  * मनाली-लेह मार्ग पर फंसे सैकड़ों सैलानी, रोहतांग-लाहुल को जा रहे वाहन मनाली में रोके * कुल्लू में भी तीन मौतें ठ्ठ पंडोह से छोड़ा पानी घरों में घुसा

मंडी शहर में ब्यास का रौद्र रूप

शिमला - हिमाचल प्रदेश में आदमखोर बन चुकी बरसात ने पिछले 24 घंटों में 24 लोगों की जिंदगियां निगल ली हैं। इस बरसाती कहर का सबसे ज्यादा सितम शिमला जिला पर हुआ, जहां 10 लोग काल का ग्रास बने हैं, जबकि सोलन में पांच, चंबा में तीन, कुल्लू में तीन तथा लाहुल, सिरमौर व बिलासपुर में एक-एक मौत का समाचार है। बारिश का रौद्र रूप देखकर हिमाचल के लोग भयभीत हैं। राज्य के कई क्षेत्र इस बारिश से जलमग्न हो गए हैं। नदी, नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल में 24 अगस्त तक मौसम खराब बना रहेगा, हालांकि भारी बारिश कुछ ही इलाकों में होने की आशंका है। पूरा हिमाचल इस समय बारिश की चपेट में हैं। पहाड़ों से लेकर मैदान तक इसका कहर बरपा है। राजधानी शिमला में रविवार सुबह आरटीओ के नजदीक भू-स्खलन से मकान ढह गया, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई। इसी हादसे में दो लोग घायल भी हैं। मरने वालों में दो बच्चियां व एक महिला शामिल हैं। जुब्बल कोटखाई में सनैरा, जोकि उत्तराखंड की सीमा के साथ लगता है, में बादल फटने से एक की मौत और दो बच्चियों के लापता होने की सूचना है। खबर लिखे जाने तक यहां पर हिमाचल पुलिस, एनडीआरएफ व उत्तराखंड की पुलिस रेस्क्यू में लगी थीं। उधर, राजधानी के भट्ठाकुफर में रिटेनिंग वॉल दरकने से बड़े पत्थर मकान के भीतर घुस आए, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हुए हैं। चनोग में भी एक महिला की मौत के अलावा जिला के नारकंडा के कोंथडू में एक ढारे पर पेड़ गिरने से दो नेपाली मूल के लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में पांच लोगों को चोटें आई हैं, जिनका ठियोग अस्पताल में उपचार चल रहा है। ठियोग के ही चिखड़ खड्ड में चार लोग पानी की चपेट में आ गए। इसमें एक की मौत हो गई, एक लड़की लापता है, वहीं दो को सुरक्षित बचा लिया गया है। हाटकोटी में पूरा मंदिर परिसर पानी की चपेट में आ गया। यहां भू-स्खलन से एक ट्रक पर मलबा गिर गया, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई। सोलन जिला के औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में आसमान से बरसी आफत ने इस कदर कहर मचाया कि चार अलग-अलग हादसों में एक बच्ची समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए हैं। पहली घटना में बद्दी के नजदीक गांव मानकपुर में हुई जहां भारी बारिश के कारण एक घर जमींदोज हो गया और घर के भीतर सो रहे एक परिवार के तीन सदस्य जिंदा दफन हो गए। इनमें से एक महिला को एनडीआरएफ की टीम ने नौ घंटे की मशक्कत के बाद सकुशल बचा लिया, जबकि पिता-पुत्र की मौत हो गई। इसके अलावा बद्दी के एक उद्योग की दीवार ढहने से कामगार की मौत हो गई, जबकि संड़ोली में एक अज्ञात अधेड़ व सरसा नदी में एक सात बर्षीय मासूम की डूबने से मौत हो गई। चंबा जिला की बात करें तो मैहला विकास खंड के लौणा गांव में भू-स्खलन से हजारों टन मलबा एक मकान पर गिर गया, जिससे मकान के अंदर मौजूद दादा-पोती की मौत हो गई। इस हादसे में पांच मवेशी भी जिंदा दफन हो गए। इसके अलावा भरमौर उपमंडल की सियूंर पंचायत के अगासन नाले में बहने से एक महिला की मौत हो गई। इस हादसे में पत्नी को बचाते हुए पति भी चोटिल हो गया। बारिश के बाद बिगड़े हालत के मद्देनजर पवित्र मणिमहेश यात्रा पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। मणिमहेश यात्रा के पड़ाव गूईनाला में पैदल रास्ते का दो सौ मीटर हिस्सा बारिश की भेंट चढ़ने और मौसम के बिगड़े हालातों के बाद उपमंडलीय प्रशासन ने एहतियात के तौर यह कदम उठाया है। खराब मौसम के  बीच मनाली-लेह मार्ग पर सैकड़ों सैलानी जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति के विभिन्न क्षेत्रों में फंस गए हैं। मनाली-लेह मार्ग पर गत दो दिनों से जहां वाहनों के पहिए थमे हुए हैं, वहीं रोहतांग दर्रे के समीप पहाड़ी से हो रहे भू-स्खलन के कारण सड़क पर गाडि़यों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। यही नहीं लाहुल में बहने वाले नालों के भी उफान पर बहने से यहां यातायात व्यवस्था ठप हो गई है। ऐसे में मनाली-लेह मार्ग पर सैंकड़ों सैलानी कोकसर, बारालाचा, दारचा व केलांग में फंस गए हैं। मनाली प्रशासन ने खराब मौसम को ध्यान में रख रोहतांग दर्रा व लाहुल की तरफ जाने वाले सभी वाहनों को मनाली में ही रोक दिया गया है। उधर, मूसलाधार बारिश ने जिला बिलासपुर की कसारू पंचायत के कठलग (करयालग) गांव में कहर मचाया। बारिश से दस मकान व छह गोशालाएं जमींदोज हो गई हैं। बारिश की इस तबाही से सात परिवार बेघर हो गए। मंडी जिला के पंडोह बांध से छोड़ा पानी लोगों के घर में घुस गया। इसके अलावा मात्र दो दिन की बरसात के कहर ने जिला कुल्लू में तीन लोगों को मौत की नींद सुला दिया है। बंजार के जिभी में सजवाड़ नाले में आई बाढ़ से यहां कैफे चलाने वाला संचालक चुनी लाल खड्ड में बह गया। मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग पर तेगड़ीनाला के पास भू-स्खलन की जद में आंध्र का एक पर्यटक आया और उसकी मौत हो गई है। वहीं, पर्यटन नगरी मनाली के पांडूरोपा में घोड़े चरा रहे मंडी जिला के कंडालू गुम्मा निवासी होशियार सिंह (38) की मौत भारी बारिश से हुई है। ऊना जिला में बरसात का मौसम अपना कहर बरपा रहा है।  बरसात की बारिश जिला भर में करीब 90 करोड़ तक का नुकसान कर चुकी है।

प्रदेश भर में 887 सड़कें बंद

हिमाचल में भारी बारिश के चलते 887 मार्ग पूरी तरह से बंद हो गए हैं, जिसमें कई नेशनल हाइवे शामिल हैं। राज्य आपदा प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिमला जोन में सबसे अधिक 403 सड़कें बंद हो चुकी हैं, वहीं मंडी जोन में 186 सड़के बंद हैं। कांगड़ा जोन में 184 सड़कें, हमीरपुर जोन में 105 सड़कें आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद हो चुकी हैं। लोक निर्माण विभाग का दावा है कि बंद पड़ी सड़कों में से 287 सड़कें जल्द खोल दी जाएंगी, जबकि सोमवार को 85 व मंगलवार तक 525 सड़कों को बहाल कर दी जाएंगी।

बारिश ने दिए 494 करोड़ रुपए के जख्म

राज्य में बरसात के दौरान अभी तक 494 करोड़ रुपए का नुकसान आंका गया है। लोक निर्माण विभाग को सबसे अधिक 327 करोड़ 71 लाख का नुकसान आंका गया है। इसके अलावा आईपीएच विभाग को 167 करोड़ का नुकसान हुआ है। आईपीएच विभाग की 3500 से अधिक पेयजल स्कीमें बंद हो चुकी हैं।

छह जिलों में आज स्कूल बंद

सोमवार को भारी बारिश की आशंका के बीच प्रदेश के छह जिलों के उपायुक्तो ने सोमवार को स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन के इन आदेशों के चलते सोमवार को सोलन, शिमला, सिरमौर, कुल्लू, चंबा व बिलासपुर जिला के स्कूलों में छुट्टी रहेगी। उधर, कांगड़ा के उपायुक्त ने कहा कि जिला में स्कूलों में छुट्टी करनी है या नहीं, इस बारे में  फैसला सोमवार को स्कूल लगने से पहले ही लिया जाएगा।