Sunday, September 22, 2019 06:59 AM

आधे-अधूरे कोटला पुल पर दौड़ रही गाडि़यां

ब्रिज के दोनों तरफ की अप्रोच कच्ची; कोलतार न डालने से कोटला बाजार तक पहंुच रही धूल से दुकानदार परेशान

कोटला -पठानकोट-मंडी नेशनल हाई-वे पर कोटला में निर्मित होने वाला पुल अभी भी कोटला बाजार के दुकानदारों व स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। करीब सात माह पहले अंग्रेजों के जमाने के निर्मित पुल की जर्जर स्थिति को मद्देनजर रखते हुए नए पुल पर वाहनों की आवाजाही तो सुचारू कर दी गई, लेकिन अभी तक पुल के दोनों तरफ  की अप्रोच कच्ची है। अभी तक पुल पर कोलतार नहीं बिछाई गई है व जब भी कोई वाहन पुल से गुजरता है, तो धूल बाजार तक पहुंच जाती है। धूल उड़ने के कारण दुकानों के अंदर रखा गया सामान धुलनुमा हो जाता है। दुकानदारों सहित साथ लगते घरों के लोगों को धूल से बीमारी जकड़ लेती है। आखिरकार पुल का निर्माण करने का ठेका लेने वाले ठेकेदार ने कोलतार क्यों नहीं बिछाई। करीब 11 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले आधे-अधूरे पुल से वाहनों की आवाजाही तो शुरू कर दी गई, परंतु अभी तक पुल लोकार्पण की राह ताक रहा है। सूत्रों के मुताबिक कोटा में 98 मीटर लंबे व 12 मीटर चौड़ाई वाले भूकंपरोधी इस पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2008 में 7.54 करोड़ लागत से शुरू हुआ था। समय पर कार्य पूरा न होने के कारण इसकी लागत बढ़ कर 11 करोड़ हो गई तथा वर्ष 2018 में इसको पूरा करने का लक्ष्य रखा गया, परंतु अभी तक भी कार्य पूरा नहीं हो पाया है। बुद्धिजीवियों ने कहा कि आखिरकार पुल के कार्य को पूरा क्यों नहीं करवाया जा रहा है, क्यों सरकार व विभाग कुंभकर्णी नींद सोई हुई है। बुद्धिजीवियों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व विधायक अर्जुन सिंह से मांग की है कि अतिशीघ्र कोटला पुल का कार्य पूरा करवाकर इसका लोकार्पण करवाया जाए, ताकि दुकानदार सहित स्थानीय लोग भी धूल से राहत पा सकें। इस बारे में नेशनल हाई-वे विभाग शाहपुर के एसडीओ सुभाष चंद्र ने कहा कि बरसात का मौसम होने के कारण कोलतार डालने का कार्य नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार को अतिशीघ्र कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है।