Monday, October 21, 2019 10:19 AM

आम जनता का क्या कसूर

अनिल शर्मा नील, बिलासपुर

कोइर् भी हादसा होने के पश्चात सरकार, संबंधित विभाग और प्रशासन जो भी फैसले-निर्णय लेते हैं, वे न केवल अतार्किक होते हैं, बल्कि आम जनता को परेशानी में  डाल देते हैं। और तो और ऐसे अतार्किक  फैसले-निर्णय कुछ ही समय तक थोपे जाते हैं, फिर वही पुराना ढर्रा। बंजार बस हादसे के बाद ओवरलोडिंग के प्रति सख्ती तो सही है, लेकिन ओवरलोडिंग की समस्या से निपटने के लिए और क्या प्रोविजन किया गया? गांव-शहर में कितनी और बसें आम जनता की सुविधा के लिए संबंधित रूट पर चलाई गईं? जिन्होंने बस पास, यलो कार्ड, ग्रीन कार्ड, स्मार्ट कार्ड इत्यादि बनवा रखे हैं, उन्हें इनकी फैसिलिटी से वंचित होना पड़ रहा है।