Sunday, January 26, 2020 12:10 AM

आर्थिक मोर्चे पर फिर झटका

आरबीआई ने 6.1 से घटाकर पांच प्रतिशत किया जीडीपी अनुमान

 नई दिल्ली -केंद्र की मोदी सरकार को आर्थिक मोर्चे पर फिर झटका लगा है। आरबीआई ने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान देश की जीडीपी बढ़त के अनुमान को 6.1 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दिया है। इससेपहले रिजर्व बैंक ने अक्तूबर महीने में नीतिगत समीक्षा में यह अनुमान जाहिर कर दिया था कि वित्त वर्ष 2019-20 में जीडीपी बढ़त 6.1 फीसदी हो सकती है। गौरतलब है कि कई रेटिंग एजेंसियों ने पहले ही भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को घटा दिया था। अब रिजर्व बैंक ने बताया है कि जोखिम पर संतुलन बनने के बावजूद जीडीपी ग्रोथ अनुमान से कम रह सकता है। गौरतलब है कि इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ छह साल के निचले स्तर 4.5 फीसदी तक पहुंच गया था। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक होने के बाद रिजर्व बैंक ने कहा कि आर्थिक गतिविधियां और कमजोर पड़ी हैं और उत्पादन की खाई नकारात्मक बन रही है। हालांकि केंद्र सरकार द्वारा किए गए कई पहल और रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक नीति में नरमी से निवेश में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन अभी इस पर नजर रखनी होगी।

नीति दरें यथावत, सस्ते ब्याज की उम्मीदें खत्म

मुंबई। चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में खुदरा मंहगाई के बढ़ने और आर्थिक विकास के 5.0 प्रतिशत पर आने का अनुमान को जताते हुए रिजर्व बैंक ने नीतिगत दरों को यथावत बनाए रखने का निर्णय लिया है, जिससे घर, वाहन आदि के लिए सस्ते ऋण की उम्मीद लगाए लोगों को निराश होना पड़ेगा। रिजर्व बैंक लगातार पांच वार में रेपो दर में 1.35 प्रतिशत की कटौती कर चुका था और इस बार इस छठी बैठक में ब्याज दरों में कम से कम एक चौथाई फीसदी की कमी किए जाने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

चिदंबरम बोले सरकार क्लूलेस

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि हम खुशकिस्मत रहेंगे अगर साल के अंत में जीडीपी पांच फीसदी रहती है। उन्होंने कहा कि डाक्टर अरविंद सुब्रह्मण्यम की चेतावनी को याद कीजिए, जिसमें उन्होंने कहा कि पांच फीसदी से कम जीडीपी रहने का अनुमान लगाया था। सरकार को अर्थव्यवस्था का कोई ओर-छोर नहीं मिल रहा। वह नोटबंदी और दोषपूर्ण जीएसटी जैसी विनाशकारी गलतियों का बचाव बहुत ही अडि़यल और जिद्दी तरीके से कर रही है। ऐसे मौके पर प्रधानमंत्री की चुप्पी भी सबको अखर रही है।