Saturday, April 20, 2019 02:22 PM

आवारा पशुओं ने किया नाक में दम

सिहुंता—तहसील मुख्यालय में निर्माणाधीन गोसदन का कार्य बीच अधर में लटक जाने से आवारा पशु किसानों के लिए सिरदर्द साबित हो रहे हैं। आवारा पशुओं के झंुड खेतों में घुसकर फसलों को तबाह कर रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से गोसदन का कार्य शीघ्र करवाकर उन्हें आवारा पशुओं के आतंक से निजात दिलवाने की गुहार लगाई है। ओंकार सिंह चौहान, रतन कुमार, मुंशी राम, मनोहर लाल, सरदार सिंह, सोम दत्त ठाकुर, माधोराम, चमन सिंह, डिंपल ठाकुर व मनीष कुमार आदि ने बताया कि सिहंुता के चंहाल खड्ड के साथ गोसदन का निर्माण कार्य शुरू करवाया गया था, जिससे उन्हें आवारा पशुओं के आंतक से निजात मिलने की आशा जगी थी। मगर अकारण पिछले छह-सात महीनों से गोसदन का निर्माण कार्य बंद पडा हुआ है। उन्होंने बताया कि कृषि उनका मुख्य पेशा है। और परिवार का पालन पोषण कृषि पर ही निर्भर हैं। मगर आवारा पशुओं के आंतक से अब किसान खेती से हाय- तौबा करने लगे हैं। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र गोसदन निर्माण कार्य मुकम्मल करवाने की मांग उठाई है। उधर, ग्राम पंचायत सिहुंता के प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि चंहाल खड्ड पर गोसदन के लिए प्लाट तैयार करवाया जा रहा है, लेकिन वन भूमि होने के कारण विभाग ने कार्य पर रोक लगा दी है। उन्होंने बताया कि एफआरए का केस उपमंडलीय प्रशासन की ओर से भेजा गया है। वन विभाग की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलते ही गोसदन का कार्य मुकम्मल करवा दिया जाएगा।