Monday, September 16, 2019 08:04 PM

आवा खड्ड पर पुल बना सपना

आजादी के 72 वर्ष बीतने के बाद भी सुविधा को तरसे लोग

पंचरुखी- आजादी के 72 वर्ष बीत गए पर एक गांव आज भी सड़क सुविधा नहीं जुड़  पाया है। गांव में आज तक खड्ड में सरकारें पुल नहीं बना पाइर्ं।  हालांकि यहां लोगों ने खड्ड में अस्थायी पुल बना लिया था। जो  बरसात में बह गया है। जबकि अब यह पुल मंडल के फेर में फंस कर रह गया है। पहले यह गांव बैजनाथ मंडल के तहत आता था अब पालमपुर मंडल के तहत है ।  बात उपमंडल पालमपुर की पंचायत नैन के गांव नैन की है । जहां सड़क की लकीर तो बनी है व गांव को बनूरी  से जोड़ने के लिए आवा खड्ड में आज तक पुल नहीं बन पाया। हालांकि 58 वर्ष पहले 1960 में एक पैदल पुल बनाया गया था जो खस्ता हालत में है और ढहने की कगार पर है। बरसात के दिनों में जान जोखिम में डाल कर पुल पार करना पड़ता है। जहां पंचायत ने अब रेलिंग लगा कर ऊंट के मुह में जीरा दे दिया है। विकास के दावे करने वाले नेताओं व सरकारों के सारे दावे यहां मिट्टी में मिलते नजर आते हैं। जबकि गांव को बनूरी राष्ट्रीय हाई-वे से जोड़ने के लिए स्थानीय लोगों ने स्वयं आबा खड्ड तक सड़क बनाई है व पंचायत ने इसे सीमेंटेड किया है। जबकि दूसरी ओर विभाग ने इस गांव के लिए धरमन कंडवाड़ी मार्ग से जोड़ने के लिए सड़क बनाई है जो कि आधी-अधूरी है। लोग बीमारी की अवस्था में आज भी बिस्तर पर सड़क तक लाए जाते हैं। बरसात के दिनों में खड्ड का पानी इस पुल से गुजरता है और लोग जान जोखिम में डालते हैं या फिर तीन से चार किलोमीटर पैदल धरमन बस पकड़ने को मजबूर हैं। जबकि खड्ड में लकडि़यों व पत्थर व बजरी डाल कर अस्थायी सड़क बनाई है जो बरसात में बह  गई। जबकि नाबार्ड के तहत पुल मंजूर हुआ है पर कब बनेगा, कब कार्य शुरू होगा जवाब किसी के पास नहीं। इस सड़क के बनने से पंचायत के तीन गांवों के हजारों लोग बनूरी से जुड़ जाएंगे। लोगों ने मांग की है कि शीध्र पुल व सड़क सुविधा दी जाए।