Saturday, January 25, 2020 11:37 PM

आसमान का सब्र छलका

बारिश-बर्फबारी के बाद बढ़ी ठंड ने हिमाचल में जनजीवन जाम कर दिया है और समूचा राज्य शीतलहर की चपेट में आ गया है। गुरुवार को प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों जहां बर्फबारी हुई है, वहीं मैदानी इलाकों में बारिश ने रंग जमाया। तापमान में गिरावट आने के बाद प्रदेश भर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग की मानें, तो राज्य के मैदानी इलाकों में शुक्रवार को भी अनेक स्थानों पर बारिश होगी...

नौहराधार-हरिपुरधार की चोटियां सफेद

नौहराधार - जिला सिरमौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गुरुवार को बर्फबारी हुई है। गुरुवार को नौहराधार व हरिपुरधार की चोटियों पर इस वर्ष की पहली बर्फबारी हुई। रोचक बात यह है कि पिछले वर्ष भी इन क्षेत्रों में 12 दिसंबर को ही बर्फबारी हुई थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह तक क्षेत्र में जमकर बर्फबारी हो सकती है। वहीं, जिला की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में दो फुट के करीब ताजा हिमपात हुआ है। इस समय चूड़धार में चार फुट बर्फ जम चुकी है।

बर्फ  पर फिसली बस पैरापिट से टकराई

नारकंडा - जिला शिमला के नारकंडा में हुई बर्फबारी ने क्षेत्र की पहाडि़यों को बर्फ  की सफेद चादर से ओढ़ दिया है। वहीं, बर्फबारी से गुरुवार को वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित रही। राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर दोपहर बाद यातायात अवरुद्ध रहा। नारकंडा से आधा किलोमीटर नीचे उतराई में गुरुवार सुबह आठ बजे एक बड़ा हादसा टल गया। इस दौरान हिमाचल पथ परिवहन निगम के धर्मशाला डिपो की धर्मशाला से ज्यूरी जाने वाली बस मोड़ काटते वक्त बर्फ  के ऊपर स्किड होकर सड़क में दूसरी ओर बने पैरापिट से टकराकर रुक गई। हालांकि बस में बैठी सभी सवारियां सुरक्षित रहीं।

डलहौजी में सैलानियों की मस्ती

डलहौजी - पर्यटक नगरी डलहौजी में गुरुवार को कड़ाके की ठंड में एक बार फिर मौसम ने करवट बदली। हालांकि सुबह से आसमान से बादल छाने का क्रम जारी था, लेकिन दोपहर को अचानक बर्फके फाहे गिरने लगे। इस देख पर्यटक खुशी से झूम उठे। सैलानी ठंड से बेपरवाह बर्फबारी का लुत्फ उठाते नजर आए। उन्होंने फाहों के बीच खूब मस्ती की और सेल्फी लेकर अपने इस खास अनुभव को यादगार बनाया। वहीं, जिला के ऊपरी क्षेत्रों में एक बार फिर से बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है।

फसलों के लिए संजीवनी बनी बारिश

शिमला - हिमाचल में मौसम बदलने से किसानों व बागवानों के चेहरे खिल गए है। राज्य में बीते नवंबर माह के आखिरी सप्ताह के दौरान बारिश व बर्फबारी हुई थी।  गुरुवार को राज्य में फिर से बारिश व बर्फबारी हुई है। दिसंबर के मध्य में बारिश व बर्फबारी को फसलों के लिए संजीवनी माना जा रहा है। बारिश से जहां फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी, वहीं पौधों में लगी बीमारियां भी खत्म होंगी। विशेषज्ञों की मानें तो बारिश व बर्फबारी के बाद तापमान में भारी गिरावट आ गई है। तापमान में गिरावट आने के बाद पौधों के लिए जरूरी चिलिंग आवर्स प्रकियां शुरू हो गई है। बारिश व बर्फबारी होने से सेब की अच्छी पैदावार की उम्मीदें जगी हैं।

ग्रामीण सड़कें बंद

शिमला -  हिमाचल प्रदेश में बीते बुधवार रात से हो रही बर्फबारी ने जनजीवन पर भारी पड़ने लगी है। राज्य में हो रही बर्फबारी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हो गई हैं। इतना ही नहीं, डोडराक्वार व लाहुल में सभी मार्ग यातायात के लिए बंद हो गए हैं। जानकारी के अनुसार बर्फबारी के कारण कुल्लू में एनएच तीन व 305 यातायात के लिए ठप पड़ गए हैं। निरमंड में दो, मनाली में तीन, चौपाल में पांच, रोहडू में छह, रामपुर में तीन ग्रामीण मार्ग यातायात के लिए अवरुद्ध हो गए हैं। इसके अलावा कुल्लू में एक, रोहडू में आठ, कुमारसैन के ओडी में एक और रामपुर में 10 ट्रांसफार्मर बंद पड़ गए हैं। ऐसे में राज्य के उक्त क्षेत्रों में लोगों को कड़ाके की ठंड में सर्द रातें अंधेरे में काटनी पड़ रही है। उधर, राज्य में बर्फबारी से प्री-विंटर सीजन व विंटर सीजन के दौरान नुकसान का आंकड़ा 19 करोड़ से पार हो गया है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग को लगा है।

पांगी बर्फ में कैद, पाइपों में जमा पानी, बिजली बंद

पांगी - बर्फबारी के बाद जनजातीय उपमंडल पांगी का जिला मुख्यालय चंबा से संपर्क पूरी तरह कट गया है। ताजा बर्फबारी के बाद साच पास के बाद खुंडी मराल का रास्ता भी बंद हो गया है। बर्फबारी के बाद समूचा पांगी उपमंडल कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गया है। जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह पांगी में बर्फबारी का दौर आरंभ हो गया। इसके चलते पांगी की उपरी पहाडि़यों और उपमंडल मुख्यालय किलाड़ में छह इंच के करीब बर्फ गिरी है। इससे तापमान शून्य डिग्री से नीचे लुढ़क जाने से पानी की पाइपें जाम होने से पेयजल की किल्लत हो गई है। पांगी में बिजली के अघोषित कटों ने भी लोगों की मुश्किलों को दोगुना कर दिया है।

चंबा-जोत मार्ग जाम

चंबा - जोत मार्ग पर गुरुवार को करीब आधा फुट ताजा बर्फबारी के बाद एहतियाती तौर पर मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है। जोत मार्ग के बंद होने के चलते सरकारी व निजी बसों ने वाया बनीखेत दौड़ना आरंभ कर दिया है। इससे अब लोगों को करीब 30 किलोमीटर का अतिरिक्त फासला तय करना होगा। बर्फबारी के बीच लोक निर्माण विभाग जोत मार्ग से बर्फ हटाने में जुट गए है। समाचार लिखे जाने तक जोत पर बर्फबारी का दौर लगातार बना हुआ था। वहीं, जोत मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप होने के बाद कारोबारियों ने भी अपनी दुकानें बंद करके घर वापसी की राह पकड़ ली है। उधर, बर्फबारी के बाद सड़कों पर बढ़ी फिसलन के चलते फिलहाल वाहन चालकों को संभल कर ड्राइविंग करने की सलाह दी गई है।

खराब मौसम ने वापस लौटाया विमान

गगल - गगल हवाई अड्डे को गुरुवार सुबह एयर इंडिया का विमान दिल्ली से गगल आया और गगल से चंडीगढ़ भी गया। इसके बाद विमान चंडीगढ़ से गगल तो आया, खराब मौसम के कारण यहां लैंड नहीं कर सका और वापस चंडीगढ़ लौट गया। गगल हवाई अड्डे के निदेशक किशोर शर्मा ने बताया कि खराब मौसम के कारण एयर इंडिया की सायंकालीन विमान सेवा भी रद्द कर दी गई। इस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

कोयले की गैस से बच्ची की मौत

ठियोग - उपमंडल ठियोग के तहत आने वाले सरीवन गांव में कोयले की गैस लगने से दो साल की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची का नाम सानवी है, जो सिरमौर के शिलाई की बताई जा रही है। वह अपने माता-पिता के साथ यहां रहती थी। सानवी का पिता मोहनलाल अपने गांव गया हुआ था। बुधवार को उसकी पत्नी ने ठंड से बचने के लिए घर में अंगीठी में कोयला जलाया था, लेकिन रात के समय अंगीठी को घर से बाहर निकालना भूल गई, जिससे उनको गैस लग गई और उसकी दो वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। उधर, डीएसपी ठियोग कुलविंदर सिंह ने मामले की पुष्टि की है।