Wednesday, December 19, 2018 01:53 PM

इंश्योरेंस के लालच में अपना ही ‘कत्ल’

नाहन -सिरमौर के नाहन-पांवटा मार्ग पर जुड़ा के जोहड़ के पास 20 नवंबर को कार में जलकर हुई दर्दनाक मौत के हमले में हैरतअंगेज खुलासा हुआ है। इस मामले में श्रम और पुलिस ने बेहद ही गंभीरता से जांच को अंजाम देते हुए मामले को हत्या में तबदील कर दिया है। कार में जलाकर मारे गए मासूम की स्क्रिप्ट केवल लाखों रुपए की बीमा राशि हड़पने के लिए लिखी गई थी, जिसमें मरने वाला व्यक्ति पुलिस ने खोजबीन के बाद जिंदा ढूंढ निकाला है। जिला सिरमौर पुलिस ने इस हत्या के षड्यंत्र का पर्दाफाश करते हुए एक बिल्डर सहित उसके भतीजे को धर दबोच लिया है। बलटाना जीरकपुर के रहने वाले आकाश और उसके भतीजे रवि ने मिलकर अपने ही पास काम करने वाले मासूम मजदूर राजू को मौत के घाट उतार दिया। यही नहीं, राजू की मौत नहीं, बल्कि इसे खुद आकाश ने एक दुर्घटना में जिंदा जल जाने की घटना की स्क्रिप्ट को अंजाम देते हुए खौफनाक खेल खेल डाला। इस घटना का खुलासा बुधवार को जिला सुपौल पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विरेंद्र ठाकुर ने मीडिया कर्मियों के समक्ष किया। एडिशनल एसपी वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि 20 नवंबर को स्विफ्ट डिजायर में जिंदा जलने वाला व्यक्ति आकाश नहीं, बल्कि धौलपुर राजस्थान का रहने वाला राजू था। राजू आकाश के पास बतौर मजदूर काम करता था। चूंकि आकाश जीरकपुर क्षेत्र का बड़ा बिल्डर है, घाटे से उबरने के लिए उसने करोड़ों की इंश्योरेंस पालिसी करा रखी थी। वीरेंद्र ठाकुर ने यह भी बताया कि फिलहाल कथित आरोपी ने 50 लाख रुपए की पालिसी की बात कबूल की है। उन्होंने बताया कि यही से ही आकाश ने अपनी मौत पर मजदूर राजू को चुन लिया। आकाश ने अपने भतीजे रवि के साथ इस ड्रामे को अंजाम देते हुए जीरकपुर से राजू को अपने साथ गाड़ी में बिठा लिया। 20 तारीख की रात को इन्होंने पहले नाहन शहर का राउंड भी लिया। पूरे क्षेत्र की रैकी करने के बाद चाचा-भतीजा ने मिलकर पहले शराब पिलाकर उसे बेहोश किया। पुलिस ने खुलासा करते हुए यह भी बताया कि जब राजू शराब के नशे में बेहोश हो गया, तो इन्होंने उसका गला घोटा। राजू के हाथ में आकाश ने अपना ब्रेसलेट डाल दिया और गाड़ी को लॉक कर राजू को जिंदा ही जला डाला। उसके बाद जब राजू गाड़ी में जल रहा था, तो इन्होंने उसका वीडियो भी बनाया और उसे वायरल कर दिया। यही नहीं, इन्होंने 108 एंबुलेंस और पुलिस को भी सूचना दी कि एक आदमी गाड़ी में जिंदा जल गया है। वीरेंद्र ठाकु ने यह भी बताया कि इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी साथ में लाई दूसरी गाड़ी में बैठकर हरियाणा की ओर निकल गए। आकाश का इस हत्या को करने का मुख्य उद्देश्य इंश्योरेंस का पैसा खाना था, जिसके लिए उन्होंने मासूम राजू को गाड़ी में जिंदा जला डाला। एडिशनल एसपी वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि यह एक ब्लाइंड मर्डर था, जिसे दुर्घटना का रूप दिया गया था। पूरी घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी आकाश नेपाल भागने की फिराक में था, जबकि इससे पहले कथित आकाश की मृत्यु का तमाम संस्कार निपटाने के बाद उसकी बेटी व पत्नी नाहन पुलिस पर डेथ सर्टिफिकेट जल्दी देने का दबाव बना रही थी। पुलिस को पहले से ही इस मामले में शक हो चला था। लिहाजा घटना के दिन उस एरिया की फोन कॉल लोकेशन और अभियुक्तों के फोन की लोकेशन मेल खा गई। पुलिस ने बड़े ही गुपचुप तरीके से इसे मिशन के रूप में लेते हुए पहले भतीजे रवि को गिरफ्तार किया। रवि से पूछताछ के बाद यूपी और बिहार की सीमा के साथ लगते जमालपुर रेलवे स्टेशन के बीच जीआरपी पुलिस की मदद से आकाश को भी गिरफ्तार कर लिया।

जाना था साइप्रस

आकाश अपने परिवार से अपना ही संस्कार करवाने के बाद खुद वह ठिकाने बदल रहा था। उसका उद्देश्य नेपाल के रास्ते साइप्रस जाने का था। पुलिस ने बताया कि साइप्रस में उसकी बेटी पढ़ती है, जबकि लड़का पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ रहा है।

पत्नी और बेटी भी हो सकते हैं गिरफ्तार

एडिशनल एसपी विरेंद्र ठाकुर ने बताया कि आकाश और रवि दोनों मुख्य अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं। रवि को पांच दिन का रिमांड मिल चुका है, जबकि आकाश को समक्ष न्यायालय पेश कर पांच दिन का रिमांड लिया जाएगा। इस मामले में पुलिस आरोपी के अन्य परिजनों को भी पूछताछ के लिए गिरफ्तार कर सकती है, क्योंकि कार में जिंदा जले शव की पहचान के लिए तथा पुलिस पर डेथ सर्टिफिकेट को लेकर आरोपी की पत्नी और बेटी भी दबाव बना रही थी, ऐसे में पुलिस आरोपी की पत्नी और बेटी को भी पकड़ सकती है।

पुलिस टीम में ये रहे शामिल

मिस्ट्री सुलझाने में पुलिस प्रमुख रोहित मालपानी की भूमिका विशेष रही, तो एएसपी वीरेंद्र ठाकुर, एसएचओ नाहन विजय कुमार, एएसएचओ जोगेंद्र सिंह, जागीर, अमरेंद्र आदि ने हर पल घटनाक्रम पर पकड़ बनाते हुए बिना किसी बाहरी राज्य की पुलिस की मदद से अभियुक्तों को दबोचा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजेंद्र ठाकुर ने बताया कि पुलिस ने पहले की धारा हटाते हुए अब 302, 201, 34 आईपीसी में दर्ज कर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है।

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