Wednesday, May 22, 2019 12:22 PM

इंस्पेक्शन रिपोर्ट सबको बताएं

शिमला—छात्र अभिभावक मंच ने शिक्षा विभाग से इंस्पेक्शन रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। मंच ने रिपोर्ट सार्वजनिक न होने पर चिंता जाहिर की है। मंच ने चेताया है कि अगर रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक नहीं की गई, तो मंच दोबारा शिक्षा निदेशालय का घेराव करने से भी नहीं चूकेगा। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि उनका आंदोलन मुख्यतः स्कूलों द्वारा ली जा रही भारी फीसों के खिलाफ है। इसलिए आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि छात्रों व अभिभावकों को आर्थिक राहत नहीं मिलती है व कानून लागू नहीं होता है। उन्होंने मांग की है कि प्राइवेट कालेजों व विश्वविद्यालयों को संचालित करने के लिए बने स्टेट रेगुलेटरी कमीशन की तर्ज पर प्राइवेट स्कूलों को संचालित करने के लिए भी रेगुलेटरी कमीशन बने, जिसमें अभिभावकों को भी उचित स्थान मिले। उन्होंने चिंता व्यक्त की है कि इस सरकार को सत्ता में आए सवा एक वर्ष बीत चुका है। परंतु शिक्षा के अधिकार कानून 2009 के तहत आज तक राज्य सलाहकार परिषद का गठन भी नहीं हो पाया है। शिक्षा विभाग के वेबसाइट पर पिछली सरकार के समय बनी राज्य सलाहकार परिषद भी अपडेट नहीं हो पाई है, जिसमें शामिल ज्यादातर अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसी से स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार शिक्षा को लेकर कितनी गंभीर है। उन्होंने मांग की है कि इस परिषद का तुरंत गठन हो। उन्होंने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी व भारी फीसों के संचालन के संदर्भ में निजी स्कूल (संचालन) अधिनियम 1997 व इसके तहत वर्ष 2003 में बने नियमों, वर्ष 2016 के  उच्च न्यायालय के आदेशों,शिक्षा के अधिकार कानून के तहत बनने वाली राज्य सलाहकार परिषद को बनाने व मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा पीटीए के गठन को लेकर जारी अधिसूचनाओं को तुरंत लागू करने की मांग की है।