Monday, July 22, 2019 12:54 AM

इक्डोल में इस सत्र से जर्नलिज्म नहीं

शिमला—हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के इक्डोल विभाग में इस सत्र से प्राइवेट जर्नलिज्म छात्र नहीं कर पाएंगे। नियमांे को दरकिनार करने पर यह कार्रवाई यूजीसी ने एचपीयू पर की है। दरअसल यूजीसी ने एचपीयू को पत्रकारिता विषय का नाम बदलने के निर्देश दिए थे। ये निर्देश एचपीयू को वर्ष 2015 में जारी कर दिए गए थे, लेकिन वर्ष 2015 से विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस विषय का नाम नहीं बदला। यही वजह रही कि पिछले वर्ष यूजीसी ने इस कोर्स को बंद करने के निर्देश जारी कर दिए थे। इसके साथ ही यह भी साफ किया था कि 2019-2020 का सत्र भी एचपीयू तभी बैठा पाएगा, जब जर्नलिज्म ऑफ मास कम्युकेशन का नाम बदलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म रखा होगा। तीन से चार साल तक एचपीयू प्रशासन इस कोर्स के नाम को नहीं बदल पाया, जिसका नतीजा यह रहा कि इक्डोल से इस विषय को पढ़ने वाले छात्रों को निराश होना पड़ रहा है। हालांकि सूत्रों की मानें तो प्रदेश विश्वविद्यालय में रेगुलर एमएमसी अभी भी हो रही है। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि एचपीयू के रेगुलर डिपार्टमेंट ने पिछले साल ही इस विषय के नाम को बदलने का प्रोसेस पूरा कर दिया था। इस वजह से एचपीयू के रेगुलर जर्नलिज्म डिपार्टमेंट में तो यह कोर्स चल रहा है, लेकिन सैकड़ों ऐसे छात्र हैं, जिनका दाखिला रेगुलर नहीं हो पाया और अब वे दर-दर भटकने को मजबूर हंै। दरअसल एचपीयू ने यूजीसी के निर्देशों के तहत एचपीयू में रेगुलर और इक्डोल के तहत चल रहे मास्टर इन मास कम्युनिकेशन कोर्स के नाम को नहीं बदला है, जिसकी वजह से अब इक्डोल में इस सत्र इस कोर्स में छात्रों को प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। गौर हो कि यूजीसी ने एचपीयू सहित प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को यह निर्देश जारी किए थे कि इस कोर्स का नाम एमएमसी से बदल कर शब्दावली के अनुसार कुछ और रखा जाए, लेकिन एचपीयू ने इन आदेशों का पालन समय रहते नहीं किया और अब इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। यूजीसी ने शब्दावली के तहत एचपीयू में एमएमसी के नाम से चल रहे कोर्स का नाम बदलने के निर्देश दिए थे, अब जब तक एचपीयू कोर्स का नाम नहीं बदलता है इक्डोल में भी इस कोर्स में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकती है। यही वजह है कि 2019-20 के इस सत्र में भी इक्डोल में इस कोर्स में एडमिशन नहीं करवाई जा रही है।

बोर्ड ऑफ स्टडीज बैठक में मिली है मंजूरी

बता दें कि एचपीयू के पत्रकारिता विभाग में इस कोर्स के नाम को बदलने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। इस मामले पर बोर्ड ऑफ  स्टडीज और फिर उसके बाद अकादमिक काउंसिल ने भी मंजूरी दे दी थी। गौर हो कि ईसी की बैठक में भी कोर्स बदलने को लेकर स्वीकृति प्रदान कर दी गई थी, लेकिन एचपीयू के कई अधिकारियों की देरी की वजह से ही यूजीसी को कोर्स बदलने को लेकर समय पर आवेदन नहीं किया गया।