Monday, August 03, 2020 05:42 PM

इन्वेस्टर्स मीट-महंगाई पर विपक्ष का वाकआउट

प्रश्नकाल से पहले ही दोनों पक्षों में जोरदार बहस, दोनों मुद्दों पर चर्चा की मांग करते हुए विपक्ष ने वेल में जाकर की नारेबाजी

धर्मशाला   -  तपोवन में चल रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विपक्ष ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट और महंगाई के मुद्दे पर चर्चा करवाने की मांग को लेकर मंगलवार को फिर वाकआउट कर दिया। दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू होते ही सदन में दोनों पक्षों की ओर से शोर-शराबा शुरू हो गया। विपक्ष के सदस्य अपनी सीटों पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष के आग्रह पर भी वे नहीं माने तथा कुछ देर तक नारेबाजी करने के बाद वेल में पहुंच गए। वेल में भी विपक्षी सदस्यों ने करीब आधा घंटा तक नारेबाजी की। हालांकि इसी बाच विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल को शुरू करवा दिया था। विपक्ष के सदस्यों ने महंगाई और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर वेल में प्याज की मालाएं पहनकर तथा हाथों में छोटे बैनर लेकर नारेबाजी की। बाद में प्रश्नकाल के दौरान ही विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया। इससे पूर्व दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रश्नकाल से पूर्व विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने इन्वेस्टर मीट पर नियम 67 के तहत चर्चा की मांग को दोहराते हुए विधानसभा अध्यक्ष से इस पर चर्चा करवाने की मांग की, लेकिन अध्यक्ष ने यह कहकर इसे नकार दिया कि इसमें नियम 130 के तहत चर्चा की जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस मुद्दे पर सत्तापक्ष के सदस्य भी नियम 130 के तहत चर्चा में हिस्सा लेना चाहते हैं, इसलिए विपक्ष भी इसमें हिस्सा ले सकता है। विपक्ष की गैर मौजूदगी में सदन की कार्यवाही पूरी हुई। कार्यवाही के दौरान ग्लोबल इन्वेस्टर मीट से होने वाले प्रभाव पर नियम 130 के तहत विधायकों ने चर्चा में हिस्सा लिया। इनमें बलवीर सिंह, नरेंद्र बरागटा, राकेश जम्वाल, होशियार सिंह, किशोरी लाल और सुखराम चौधरी शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने चर्चा का जवाब दिया।

हिमाचल को पंजाब-बिहार न बनाए विपक्ष

विपक्ष के हो-हल्ले को लेकर प्रश्नकाल के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि विपक्ष के सदस्य सदन में अभद्र भाषा का प्रयोग कर विधानसभा की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के सदस्यों से कहा कि हिमाचल को हिमाचल रहने दिया जाए। इसे पंजाब व बिहार न बनाएं। विपक्ष द्वारा सदन के अंदर जिस भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, वह सही नहीं है। विपक्ष का बर्ताव सदन की परंपरा के अनुकूल नहीं है। सदन के अंदर बैनर व पोस्टर्स लाकर विपक्ष विधानसभा के नियमों का उल्लघंन कर रहा है। उन्होंने विपक्ष के वाकआउट की निंदा करते हुए कहा कि उनका यह व्यवहार सदन की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है।

विपक्ष की आवाज दबाने का हो रहा प्रयास

सदन के बाहर मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। विपक्ष इन्वेस्टर मीट पर नियम 67 के तहत चर्चा मांग रहा था, लेकिन सरकार नहीं मानी। इसके अलावा विपक्ष के सदस्यों ने महंगाई व प्याज की आसमान छूती कीमतों पर भी चर्चा की मांग की थी, लेकिन विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर हिमाचल ऑन सेल सहित कई तरह के गंभीर आरोप लगाए।