Monday, December 16, 2019 05:55 AM

इमरान नहीं कि झूठ चेप दूं

रामविलास जांगिड़

स्वतंत्र लेखक

विधायक तोड़कर लाने वाले गिरोह ने मेरे पास लाकर विधायक खड़े कर दिए। कहा कि फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हो जाओ और जल्दी से मुख्यमंत्री बन जाओ। बस झूठ के पंख लगाओ और राजशाही की मौज उड़ाओ। हम आपको मुख्यमंत्री बनने का खुलेआम ऑफर दे रहे हैं और बदले में आपसे सिर्फ कार, कोठी, कन्या, क्रेडिट कार्ड और मंत्री पद ही ले रहे हैं। मैंने उनको समझाया और अपने घर का गीत सुनाया। मैंने कहा- मैं मुख्यमंत्री हरगिज नहीं बन पाऊंगा। अगर मुख्यमंत्री बन गया, तो मेरे घर के झगड़े कब सुलझाऊंगा। ऐसे में कोई मुझे कितने ही विधायक उखाड़ कर दे, कितने ही विधायक मेरी झोली में लाकर पटक दे, मुझे मुख्यमंत्री की कुर्सी पर जाकर बैठा दे, अभी मैं कुछ न कर पाऊंगा। मेरे भरोसे मत रहना। अभी सीएम नहीं बन पाऊंगा। मैं अभी घर के झगड़ों में उलझा हूं, पहले इनको सुलझा लूं, तब फिर देश-दुनिया के झगड़े उलझाने व सुलझाने का मन बनाऊंगा। इसलिए बार-बार कह रहा हूं मेरे भरोसे मत रहना और मुख्यमंत्री किसी और को ही बनाना। यह मेरे वश का रोग नहीं है कि सुबह अलग झूठ बोलूं और शाम को अलग झूठ। दोपहर को अलग झूठ बोलूं, तो रात में अलग। सांस रोकूं, तो झूठ, सांस लूं तो झूठ। तुमको झूठ, हमको झूठ। आंखें खोलूं तो झूठ, बंद करूं तो झूठ। झूठ के इस महाजाल में कब तक झूठशास्त्री बनकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा रहूंगा। झूठ के बल पर मुख्यमंत्री की कुर्सी से चिपके रहना अपने वश का नहीं है। सारे झूठे मिलकर मुझ सच्चू को झूठ बुलाने के लिए सीएम बना रहे हैं। मैं मेरे घर का झूठ पुराण भी ठीक से नहीं पढ़ पा रहा हूं। इसलिए मुझे माफ करना। अभी मैं अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के झूठ बोलने के लिए सक्षम नहीं हूं। पहले घर में झूठ बोलने व झगड़े निपटाने की झूठाशाही तो कर लेने दीजिए। मैं कोई ट्रंप नहीं कि टपाक से झूठ चेप दूं और इतना इमरान भी नहीं कि दुनिया के कानों में खटाक से झूठी बातें चेप दूं। जब मैं महाझूठ शास्त्री बन जाऊंगा, तो खट से महामंत्री बन ही जाऊंगा। झूठों की मंडी के दलाल ने सच बोला। झूठबाज ने झूठपति के कानों में रस घोला।