Tuesday, May 21, 2019 06:46 AM

इलेक्शन ड्यूटी से पढ़ाई पर असर

प्रदेश में लोकसभा चुनाव प्रक्रिया के लिए शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति से बढ़ेगी दिक्कत

कांगड़ा —प्रदेश में लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया संपन्न करवाने के लिए अध्यापकों की प्रतिनियुक्ति किए जाने से पेश आ रही समस्याआें को हिमाचल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष उठाया है। अध्यापकों की प्रतिनियुक्ति चुनाव ड्यूटी में किए जाने से स्कूलों में अध्यापन का कार्य प्रभावित हो रहा है। इतना ही नहीं, शिक्षक दंपत्तियों की ड्यूटी मामले को भी निर्वाचन अधिकारी के समक्ष रखा तथा मांग की है कि चुनाव ड्यूटी में किसी एक को तैनात किया जाए। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी हिमाचल प्रदेश देवेश कुमार को संघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा। संघ के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि स्कूलों में हजारों शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। बावजूद इसके बड़े पैमाने पर शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति चुनाव प्रक्रिया संपन्न करवाने के लिए की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे भी स्कूल हैं, जहां पर सभी शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव प्रक्रिया को संपन्न करवाने के लिए लगाई हैं, जिसके चलते दूसरे स्कूलों से अध्यापकों की प्रतिनियुक्ति इन स्कूलों में करने से भी समस्या पेश आ रही है। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पहले ही स्कूल शिक्षकों के रिक्त पदों के कारण समस्या पेश आ रही है। ऐसे में प्रतिनियुक्ति किए जाने पर स्कूलों में अध्यापन प्रक्रिया बाधित हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले भी शिक्षक संघ द्वारा इस मामले को उठाया गया था। वीरेंद्र चौहान ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी दिशा-निर्देश दिए हैं कि जहां तक हो सके चुनावी ड्यूटी में शिक्षकों की तैनाती कम से कम की जाए। वहीं अन्य विभागों के कर्मचारियों की अधिकतर ड्यूटी चुनावों में लगाई जाए। इस दौरान हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश प्रवक्ता एवं प्रैस सचिव कैलाश ठाकुर, मुख्यालय सचिव रमन वर्मा, जिला शिमला अध्यक्ष महावीर कैंथला सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।