Tuesday, October 15, 2019 09:08 AM

ईरान जंग के लिए तैयार

सऊदी तेल संयंत्रों पर हमले के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने पर अमरीका को दो टूक

रियाद -सऊदी अरब में दुनिया के सबसे बड़े ऑयल प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद एक तरफ जहां उसकी उत्पादन क्षमता आधी रह गई है, वहीं खाड़ी में तनाव भी बढ़ गया है। इन हमलों की जिम्मेदारी यमन स्थित शिया हाउती विद्रोहियों ने ली है, जबकि सऊदी के करीबी सहयोगी अमरीका ने इसके लिए सीधे-सीधे ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। दूसरी तरफ ईरानी विदेश मंत्री ने अमरीका के आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया है। ईरानी सेना के तो एक सीनियर कमांडर ने यहां तक कहा है कि उनका देश अमरीका के खिलाफ पूर्ण युद्ध के लिए तैयार है। खाड़ी के मौजूदा हालात का भारत पर भी सीधा असर पड़ सकता है, क्योंकि ईरान से तेल आयात पर अमरीकी प्रतिबंध के बाद नई दिल्ली अपनी तेल जरूरतों के लिए बहुत हद तक सऊदी अरब पर निर्भर है। हालांकि, सऊदी अरब ने तेल सप्लाई बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको के संयंत्र पर शनिवार को ड्रोन हमलों के बाद अमरीका ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। हमलों की जिम्मेदारी यमन के हाउती विद्रोहियों ने ली है, लेकिन अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि हमले यमन की तरफ से हुए हैं। ड्रोन हमलों के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराए जाने के अमरीकी विदेश मंत्री के बयान को खारिज किया है। ईरान ने अमरीका पर आरोप लगाया है कि वह तेहरान के खिलाफ कार्रवाई को उचित ठहराने के लिए यह झूठ बोल रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मूसावी ने कहा कि ऐसे निराधार और बिना सोचे-समझे लगाए गए आरोप एवं टिप्पणियां निरर्थक और समझ से परे हैं। मूसावी ने कहा कि सऊदी के पूर्वी प्रांत के अब्कैक और खुरैस पर हुए हमलों को लेकर लगाए जा रहे आरोप, ईरान के खिलाफ कार्रवाई को उचित ठहराने के लिए हैं।

अमरीकी सैन्य अड्डे हमारी मिसाइलों की जद में

ईरानी सेना रेवलूशनरी गार्ड्स के एक सीनियर कमांडर ने तो अमरीका को चेतावनी देते हुए कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ‘पूर्ण युद्ध’ के लिए तैयार है। कमांडर अमीरली हाजीजादेह ने कहा कि हर किसी को जानना चाहिए कि अमरीका के सभी सैन्य अड्डे और एयरक्राफ्ट कैरियर ईरान से 2,000 किलोमीटर के दायरे में हैं, जो हमारी मिसाइलों की जद में हैं।

क्राउन प्रिंस बोले; हमले का जवाब देने में सक्षम, जरूर देंगे

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा है कि आतंकी हमले के लिए जो भी जिम्मेदार होंगे, उन्हें जवाब मिलेगा। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब इस आतंकवादी अतिक्रमण का जवाब देना चाह रहा है और वह इसमें सक्षम है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले की निंदा की है। ट्रंप ने प्रिंस सलमान से फोन पर बात की। उनके कार्यालय व्हाइट हाउस ने ग्लोबल इकॉनोमी के लिए महत्त्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमले की निंदा की।

उत्पादन में 50 फीसदी कटौती

सऊदी अरब ने अरामको के दो तेल संयंत्रों पर हुए ड्रोन हमलों के बाद तेल और गैस उत्पादन में 50 प्रतिशत की कटौती की है। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री पिं्रस अब्दुलाजिज बिन सलमान ने बताया कि ड्रोन हमले के कारण कच्चे तेल के उत्पादन में एक दिन में 57 लाख बैरल यानी लगभग 50 प्रतिशत की कटौती हुई है। पिं्रस अब्दुलाजिज ने कहा कि हमले के कारण अबकैक तथा खुरैस संयंत्रों में अस्थायी तौर पर उत्पादन को स्थगित किया गया है। तेल उत्पादन में की गई कटौती की भरपाई अरामको के तेल भंडारों से की जाएगी।