Thursday, June 20, 2019 02:27 PM

ईवीएम पर विपक्ष को दोहरा झटका

ईवीएम-वीवीपैट के मुद्दे पर 19 विपक्षी दलों ने की बैठक

 चुनाव आयोग से पहले पर्चियों के मिलान की रखी मांग

 नई दिल्ली -नतीजे आने से पहले ही अपनी चुनावी संभावनाओं को लेकर आशंकित विपक्ष को ईवीएम के मुद्दे पर मंगलवार को दोहरा झटका लगा है। वीवीपैट के ईवीएम से 100 फीसदी मिलान की मांग वाली याचिका को ही सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। यही नहीं, शीर्ष अदालत ने याचियों को फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसी अर्जियों को बार-बार नहीं सुना जा सकता। उधर, चुनाव आयोग ने ईवीएम में गड़बड़ी को लेकरयूपी के चार मामलों में विपक्ष की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा है कि ईवीएम सेफ हैं और वे विश्वास बनाए रखें। इसी बीच, 19 विपक्षी दलों ने मंगलवार को ही ईवीएम को लेकर बैठक की। विपक्षी दलों ने साथ मिलकर चुनाव आयोग से ईवीएम की शिकायत भी की है।  गौर हो कि टेक्नोक्रेट्स के एक ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि वेरिफिकेशन के लिए सभी ईवीएम का वीवीपैट से मिलान किया जाना चाहिए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस अर्जी को खारिज करते हुए कहा कि यह मेरिट के मुताबिक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की बैंच में शामिल जस्टिस अरुण मिश्रा ने याचिकाकर्ताओं को फटकार लगाते हुए कहा कि इस तरह की याचिकाओं को हम बार-बार एंटरटेन नहीं करेंगे। हम लोगों द्वारा जनप्रतिनिधियों के निर्वाचन के तरीके के बीच में नहीं आ सकते। यही नहीं, शीर्ष अदालत ने इस याचिका सिर्फ उपद्रव और चर्चा का हथियार करार दिया। इसी बीच, चुनाव आयोग ने यूपी के चार जिलों में ईवीएम की सुरक्षा को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों को खारिज किया है। आयोग ने कहा कि सभी मामलों में ईवीएम और वीवीपैट को पार्टियों के उम्मीदवारों के सामने अच्छे से सील किया गया था और वीडियोग्रफी की गई थी। सभी आरोप आधारहीन हैं। यही नहीं, आयोग ने विपक्ष की ओर से गाजीपुर, चंदौली, डुमरियागंज और झांसी सीटों पर ईवीएम की सुरक्षा को लेकर शिकायत की गई थी। उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त ने बयान जारी कर सभी राजनीतिक दलों से कहा कि है कि वे भरोसा रखें, ईवीएम पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इसी बीच, भाजपा ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा है कि वह हार के डर से ईवीएम का बहाना बना रहा है। उधर, लोकसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले ईवीएम और वीवीपैट के मुद्दे पर कांग्रेस, सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस समेत 22 विपक्षी दलों के नेताओं ने मंगलवार को चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की। विपक्ष ने चुनावा आयोग से मांग की है कि 23 मई को मतगणना शुरू होने से पहले बिना किसी क्रम के चुने गए पोलिंग स्टेशनों पर वीवीपैट पर्चियों की जांच की जाए। विपक्षी दलों ने कहा है कि अगर किसी एक बूथ पर भी वीवीपैट पर्चियों का मिलान सही नहीं पाया जाता तो संबंधित विधानसभा क्षेत्र में सभी मतदान केंद्रों की वीवीपैट पर्चियों की गिनती की जाए और इसकी ईवीएम रिजल्ट्स से मिलान किया जाए। ईसी अधिकारियों से मुलाकात के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने पत्रकारों से कहा कि हमने मांग की है कि वीवीपैट पर्चियों का मिलान पहले किया जाए और अगर कोई गलती मिले तो उस क्षेत्र में सभी की गिनती होनी चाहिए। इस बीच, जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने भी ईवीएम को लेकर आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि ईवीएम से छेड़छाड़ एक और बालाकोट जैसा है। यही नहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि ईवीएम में छेड़छाड़ की नहीं, बल्कि अदला-बदली की आशंका है।