Friday, December 06, 2019 09:57 PM

ई-बर्ड से होगी प्रवासी पक्षियों की गणना

 नगरोटा सूरियां  - पहली बार पौंग झील में ई-बर्ड के द्वारा पक्षियों को रिंग कैसे डाले जाएंगे और उनकी गणना कैसे की जाएगी। इस बारे विशेष जानकारी  विभाग द्वारा कार्यशाला के दौरान दी गई। नगरोटा सूरियां में दो दिवसीय वन्य प्राणी विभाग द्वारा सीसीएफ  प्रदीप ठाकुर की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें करीब वन्य प्राणी विभाग के 60 से अधिक कर्मचारियों ने भाग लिया। इस कार्यशाला में डीएफओ हमीरपुर राहुल रोहनय, डीएफओसीसी वर्ल्ड लाइफ  धर्मशाला से डीएस डढवाल, डीएफओ चंबा राजीव कुमार, सीएफ पौंग डैम अजय शर्मा, सीएफ  चंबा संजीव कुमार इक्लोजिसट आईसीसी एन टीके राय डा. डाक्टर नरसिमा, बायो लॉजिस्ट आरओ नगरोटा सूरियां से जोगिंद्र सिंह, आरओ धमेटा से सेवा सिंह तथा अन्य सभी अधिकारी कार्यशाला में उपस्थित थे। कार्यशाला के दौरान सभी कर्मचारियों को इस बार झील में आने वाले प्रवासी पक्षियों की गणना के बारे विस्तार से बताया गया। कैसे पक्षियों की गणना करनी है, इस बार विभाग द्वारा मैनुअल तथा  ई-बर्ड से गणना होगी। ई-वर्ड विशेषज्ञ डाक्टर नरसिम्मा द्वारा विशेष रूप से पक्षियों की गणना कैसे करनी है, विस्तार से जानकारी दी। इस तरह अब व्यक्ति ऐप के जरिए भी ऑनलाइन कहीं भी बैठे पक्षियों की जानकारी जान सकेगा। यह जानकारी डीएफओ हमीरपुर राहुल रोहनय ने दी।  उधर जनवरी माह के अंत में इन प्रवासी पक्षियों की गणना होगी, जो झील में कितनी संख्या में आए हैं और कितनी प्रजातियां आई हैं। उधर वन्य प्राणी विभाग के डीएफ ओ हमीरपुर द्वारा बताया गया कि झील में अब तक 70 प्रजातियों के 30000 से अधिक प्रवासी पक्षी पहुंच चुके हैं। इन प्रवासी पक्षियों में से सबसे अधिक बार हैडेड गीज कामन टील गलफ  मलाड तथा अन्य सैकड़ों प्रजाति के पक्षी झील की शोभा बढ़ा रहे। इनकी सुरक्षा के लिए विभाग द्वारा 36 से अधिक कर्मचारी लगाए गए हैं। झील में प्रवासी पक्षियों के अवैध शिकार करने वालों पर पर कड़ी कार्रवाई होगी, तो वहीं खाली भूमि पर खेती करने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। इसके बाद सीसीएफ  प्रदीप ठाकुर की अध्यक्षता में सभी आए हुए अधिकारियों में पौंग झील का निरीक्षण भी किया और झील में आए हुए प्रवासी पक्षियों तथा अन्य गतिविधियों के बारे जानकारी पिछले वर्ष 100 प्रजातियों के करीब एक लाख 36 हजार से अधिक प्रवासी पक्षी झील में आए थे।