Tuesday, June 02, 2020 11:20 AM

ई-रिक्शा-ऑटो चालकों पर बड़ा संकट

पांवटा में बंद पड़े कारोबर से ड्राइवरों को सताने लगी परिवार की चिंता

पांवटा साहिब-कोरोना महामारी के बीच कर्फ्यू के कारण छोटे-छोटे कारोबार कर अपने परिवार का पेट पालने वाले अब भूखमरी की कगार पर पहुंच चुके है। इन्हीं मे से ई-रिक्शा व ऑटो चालक भी शामिल है, जो पिछले तीन माह से बेकार है और अब परिवार का पालन पोषण करने मे दिक्कतें जेल रहे हैं। बिना काम के रोजी-रोटी के लाले पड़ने से दुखी ई-रिक्शा और ऑटो चालकों ने भी अब सरकार से उनका कार्य शुरू करने की मांग उठाई है। इनका कहना है कि सरकार अब इन्हें सड़कों पर चलने की अनुमति दें। वह सरकार के नियमों का पालन करेंगे। ई-रिक्शा चालक यूनियन के प्रधान ने बताया कि वह सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए दो सवारियों से ज्यादा नहीं बिठाएंगे और मास्क और हैंड सेनेटाइजर का प्रयोग करेंगे। साथ ही समय-समय पर ई-रिक्शा को सेनेटाइज भी करेंगे। यदि अब भी उनको काम शुरू करने की परमिशन न मिली, तो वह अपने परिवार को खाना भी नहीं दे पाएंगे। गौर हो कि सरकार अभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट को चलाने को लेकर कोई निर्णय नहीं कर टाई है, इसलिए पांवटा साहिब मे फिलहाल ई-रिक्शा के भी सड़क पर आने की संभावनाएं नहीं बन रही है। गौर हो कि  पांवटा शहर में 150 के करीब स्थानीय निवासियों के ई-रिक्शा चल रहे हैं, लेकिन मार्च माह से कोरोना लॉकडाउन के बाद से सभी ई-रिक्शा बंद है। इसी के साथ ऑटो भी बंद पड़े हैं। ये सभी चालक हर दिन कमाने और खाने वालों मे से है, जिस कारण इन्हें बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। उधर, इस बारे में आरटीओ सिरमौर सोना चौहान ने बताया कि उन्होंने ई-रिक्शा और ऑटो यूनियन के प्रधान से बात की है। तथा उन्हें अपनी दिक्कतें भेजने को कहा है। उनकी समस्याओं से विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा, ताकि समस्या का समाधान हो सके।