Tuesday, October 15, 2019 03:20 PM

उज्जैन में मिलेंगे समाधि से गायब बाबा!

सहयोगियों का दावा, बसंतपुर महाकाल मंदिर से ढूंढने गए चार लोग

शिमला - शिमला जिला के बसंतपुर के पास महाकाल मंदिर से समाधि के दौरान गायब हुए बाबा उज्जैन में हैं। ऐसा दावा उनके सहयोगी कर रहे हैं, जिनका कहना है कि बाबा समाधि में बैठे-बैठे उज्जैन चले गए और उन्हें ढूंढने के लिए अब ये लोग भी वहां के लिए निकल गए हैं। बाबा के सहयोगी दोपहर बाद उज्जैन के लिए निकले हैं, जिनके साथ यहां के दो स्थानीय लोग भी हैं। इस बाबा के  दो साथी भी हैं, जो कहते हैं कि बाबा उज्जैन में ही मिलेंगे। गौर हो कि बाबा देवेंद्र नाथ का अचानक समाधि से गायब हो जाना सभी के लिए हैरानी की बात है।  आखिर ऐसा कैसे हो गया, इसे देखने के लिए कई लोग यहां पर पहुंच रहे हैं। लगातार लोग यहां आ रहे हैं और देखना चाहते हैं कि आखिर बाबा कैसे गायब हुए। उनके भक्त भी इसे सच नहीं मान पा रहे है कि वह शरीर के साथ जमीन के भीतर से खुद ब खुद गायब कैसे हो गए। उनके एक भक्त ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह पांच साल से यहां पर आ रहा है। बाबा कई बार उन्हें खाने की वस्तुएं तैयार करने के लिए बुलाते थे। हालांकि बाबा ने कभी भक्तों से पैसे नहीं मांगे, लेकिन फिर भी चढ़ावा चढ़ता था। यहां पर नशे में मदहोश युवा भी काफी संख्या में आते थे, लेकिन पुलिस की कोई तैनाती यहां नहीं थी। हालांकि वह खुद मानते हैं कि बाबा कैसे गायब हो गए, यह नहीं हो सकता। उनका कहना है कि कई बाबा लोगों को बेवकूफ बनाते हैं। इस तरह भक्तों की आस्था से खिलवाड़ करने वाले को पकड़ा जाना चाहिए। बताया जा रहा है कि अभी तक पुलिस में भी ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। लिहाजा पुलिस भी इस पर कोई गौर नहीं कर रही है। इस जगह पर महाकाल का मंदिर बनाया गया है वह जमीन यहां के स्थानीय व्यक्ति ने मंदिर के नाम पर बाबा को दान दी थी। यहां हर सोमवार को प्रसाद बनाकर बांटा जाता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पर भांग पीने के लिए युवा काफी संख्या में पहुंचते थे। बाबा देवेंद्र नाथ और उसके सहयोगी बाबा उत्तर प्रदेश के बताए जाते हैं। देवंद्र नाथ के बाद अब सहयोगी बाबा उनकी तलाश के लिए उज्जैन गए हैं, जो वापस लौटेंगे या नहीं यह भी पता नहीं।

कहीं साथियों ने तो नहीं निकाले बाहर

पूरे क्षेत्र में बाबा के गायब होने के रहस्य पर चर्चा का बाजार गर्म है। लोगों का कहना है कि ऐसे बाबा ढोंगी होते हैं। लोग इस कहानी के रहस्य से पर्दा उठता देखना चाहते हैं। लोगों की उत्सुकता है कि आखिर बाबा जमीन के नीचे से कैसे गायब हो गए। कइयों का कहना है कि सहयोगी बाबाओं ने ही उन्हें यहां से बाहर निकाला और फरार कर दिया है। वहीं, सुन्नी पुलिस का कहना है कि इस संबंध में किसी भी तरह का मामला दर्ज नहीं किया गया है। किसी ने भी कोई शिकायत नहीं की है।