Monday, October 21, 2019 08:59 AM

उत्तर पूर्वी राज्यों को समान धारा

- अरविंद शर्मा, धर्मशाला

कश्मीर में धारा 370 की समाप्ति के बिल को लगभग हर नागरिक ने खुले मन से स्वीकारा है। अब इस कानून के आने से कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बना है, वहां के लोगों को भारतीय कानूनों और उन कानूनों के द्वारा दिए जाने वाले लाभ मिलने का अवसर भी खुल गया है। इससे कश्मीर घाटी में डिवेलपमेंट का दौर शुरू होगा और आतंकी इरादों को भी लगाम लगेगी। भारत का हर नागरिक चाहता है कि देश के हरेक व्यक्ति को एक जैसे लाभ और मौके मिलें, ताकि उनके द्वारा अपने-अपने गुणों एवं कौशल से समाज में स्थान अर्जित किए जा सकें। जनता तो यह भी चाहती है कि देश के अन्य इलाकों एवं प्रांतों को मिल रहे नाजायज लाभ बंद हों और भारत देश में एक विधान, एक निशान, एक प्रधान और आर्थिक एवं सामाजिक लाभ भी एक समान हों। इसके लिए उत्तर पूर्वी राज्यों को भी समान धारा में लाया जाए।