Wednesday, December 19, 2018 01:41 PM

उद्योग लगाने को 15 दिन में मिलेगी मंजूरी

निवेशकों की राहत के लिए सरकार का फैसला, विभागों पर होगी वक्त की पाबंदी

शिमला-हिमाचल में निवेशकों को उद्योग धंधा लगाने के लिए 15 दिन में अनुमति मिलेगी। सरकार इस समयावधि को तय बनाने जा रही है, ताकि यहां पर आने वाले निवेशकों को किसी तरह की जद्दोजहद न करनी पड़े। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश सरकार जल्द ही मंत्रिमंडल में निर्णय लेगी और संबंधित विभागों पर यह पाबंदी लगाई जाएगी कि वह 15 दिन में अनुमतियां दें। ऐसा नहीं होता है तो डीम्ड मंजूरी मानी जाएगी। सरकार की तरह से प्रस्तावित यह फैसला महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि अभी तक यहां उद्योगपति दफतरों के ही चक्कर काटते रहे हैं। डीम्ड मंजूरी मिल जाए तो उद्योगपतियों को धक्के नहीं खाने पड़ेंगे और यह तय होगा कि आवेदन करने व जमीन ढूंढने के बाद हिमाचल में वह अपना उद्योग स्थापित करेंगे ही करेंगे। इस तरह की बड़ी रियायत देकर सरकार यहां पर निवेशकों को रिझा सकती है। प्रदेश सरकार द्वारा उद्योग नीति में जो संशोधन किए जाएंगे, उसमें इसका जिक्र होगा और सरकार तय करेगी कि सभी विभाग निवेशक को 15 दिन के भीतर अपनी मंजूरी प्रदान कर दे। समय पर इस प्रक्रिया को पूरा न करने वाले विभागों के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। सरकार निवेश के लिए कुछ बेवजह की प्रक्रियाओं को भी बेच में खत्म करने की सोच रही है। इतना ही नहीं निवेश के लिए आवेदन करने वाले लोग ऑन लाइन ही मंजूरियां हासिल करेंगे। उन 15 दिनों में भी उनको कहीं नहीं जाना होगा। उद्योग विभाग ने इसके लिए अपना वेब पोर्टल भी तैयार किया है, जिसमें सभी सरकारी विभाग जोड़े गए हैं। इसी पर ऑनलाइन मंजूरियां भी हासिल होंगी। सिंगल विंडो सिस्टम का मतलब ही यह है कि एक ही जगह पर सभी प्रक्रिया को पूरा कर दिया जाए। इसमें सबसे अहम जिम्मेदारी उद्योग विभाग की होगी जो सभी दूसरे विभागों से संपर्क में रहेगा। विभाग के सिंगल विंडो सिस्टम में भी सरलीकरण किया जा रहा है, ताकि 15 दिन के मापदंड को पूरी तरह से लागू करवाया जा सके।

इन्वेस्टर मीट से पहले सभी इंतजाम कर रही सरकार

इन्वेस्टर मीट से पहले सरकार ऐसे सभी इंतजाम करेगी, जिससे  जून महीने में यहां पर करोड़ों रुपए का निवेश मिले। इनवेस्टर मीट के लिए 80 हजार करोड़ से अधिक का निवेश लाने का टारगेट है, जिसे सिरे चढ़ाने के लिए यहां निजी कंपनियों का भी सहारा लिया जा रहा है। जो सुझाव उनकी तरफ से मिलेंगे वह संशोधित पॉलिसी में शामिल होंगे।