Monday, October 21, 2019 01:01 AM

उपचार को 15 किलोमीटर का सफर

स्वास्थ्य उपकेंद्र देऊरी में एक साल से लटका ताला, तीन पंचायतों के ग्रामीण झेल रहे दिक्कतें

सैंज -सैंज घाटी के स्वास्थ्य उप केंद्र पिछले एक साल से बंद पड़ा है। एक और सरकार गांव में बेहतर चिकित्सा सुविधा देने का दावा कर रही है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों  में चिकित्सा के नाम पर मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है।  चिकित्सा जैसी बुनियादी सेवाएं भी ग्रामीणों को नसीब नहीं हो पा रही है, जिसका  प्रमाण  सैंज घाटी की बनोगी पंचायत के उप  स्वास्थ केंद्र देहुरी में देखने को मिल रहा है। जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर देहुरी उप स्वास्थ्य केंद्र में पिछले एक वर्ष से ताला लटका हुआ है, जिस कारण तीन पंचायत के हजारों लोगों को पिछले  एक वर्ष से स्वास्थ्य  सेवाओं के लिए 15 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। लिहाजा समस्या के चलते बच्चों-बुजुर्गों और महिलाओं को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि एक वर्ष पूर्व स्वास्थ्य कर्मचारी दियोहरी का तबादला होने के बाद से उपकेंद्र में ताला लटका हुआ है। यहां बता दें कि उक्त उप स्वास्थ्य केंद्र में बनोगी, सुचेहन व दुशाहड़  पंचायतों के हजारों ग्रामीणों की सेहत की जिम्मेदारी है, लेकिन पिछले एक वर्ष से यह स्वास्थ्य केंद्र ही बंद है। ऐसे में जहां ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं उपचार के लिए ग्रामीणों को क्षेत्र से दूर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों की मानें तो पंचायतों के दर्जनों गांवों के लोगों को स्वास्थ्य केंद्र बंद होने से खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें छोटी सी बीमारी के लिए करीब 15 किलोमीटर दूर का सफर तय करना पड़ रहा है। स्थानीय पंचायत प्रधान गिरधारी लाल ठाकुर, जय बिहारी लाल, बीडीसी रामदास, पूर्व उप प्रधान  योगराज, चमन, घनश्याम ठाकुर, सेसराम , कुलदीप राणा,  रविंद्र ,युगल किशोर, दुर्गा दास ने बताया कि उपस्वास्थ्य केंद्र देहुरी में ताला  लटकने की सुचना  विभाग को भी दी गई है,लेकिन विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।