Monday, September 16, 2019 07:31 AM

ऊना अस्पताल… फर्श पर बारी का इंतजार

डाक्टर के कमरे के बाहर परेशान हो रही गर्भवती महिलाए, बैठने तक की जगह नहीं

ऊना -क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में उपचार के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के दावे खोखले ही साबित हो रहे हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि स्त्री रोग विशेषज्ञ की ओपीडी के बाहर इन गर्भवती महिलाओं को बैठने के लिए कोई भी बेहतर व्यवस्था नहीं हो पाई है। फर्श पर बैठकर महिलाओं को चिकित्सक का इंतजार करना पड़ता है, लेकिन इनकी फरियाद सुनने वाला कोई भी नहीं है। मंगलवार को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में गर्भवती महिलाओं को लंबे समय समय किसी भी स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की सेवाएं नहीं मिल पाईं। सुबह से भूखी, प्यासी उपचार के लिए पहुंची इन गर्भवती महिलाओं के पास चिकित्सक का इंतजार करने के बजाए कोई और विकल्प भी नहीं था। एक ओर जहां इन महिलाओं का उपचार शुरू से ही सरकारी अस्पताल में चल रहा है तो यहां पर आना भी इनकी एक तरह से मजबूरी ही है। वहीं, सरकार की ओर से चलाई गई योजनाओं का लाभ उठाना भी इन महिलाओं के लिए परेशानी भरा है। इस दिन करीब 12 बजे तक स्त्री रोग विशेषज्ञ की ओपीडी के बाहर कई महिलाएं उपचार करवाने पहुंच गई थी, लेकिन यहां पर इन महिलाओं और उनके तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ी। जो कि अस्पताल में अव्यवस्थाओं को भी दर्शाता है। हालांकि अस्पताल में लड़खड़ाई स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से प्रयास तो किए गए, लेकिन फिर भी पूरी तरह से यह प्रयास सफल नहीं हो पाए हैं। इसका खामियाजा यहां उपचार के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है। इस तरह से तो गरीब, मजबूर अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच जाते हैं। वहीं, साधन संपन्न लोग तो निजी अस्पतालों का रुख कर जाते हैं। इस तरह की व्यवस्थाएं लड़खड़ाई रही तो आम जनता सरकारी योजनाओं से मुंह मोड़ कर अपनी जान बचाना ही मुनासिब समझेंगे। हालांकि को ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक अपनी ड्यूटी को पहुंचे। बाकायदा चिकित्सक ने वार्ड का दौरा किया। इसके बाद भी मरीजों को चिकित्सक की सेवाएं मिल पाईं। बहरहाल, चिकित्सकों की इस समस्या से समाधान के लिए अस्पताल प्रशासन, जिला प्रशासन, सरकार को उचित कदम उठाने चाहिए, ताकि अस्पताल में उपचार के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। उधर, इस बारे में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. निखिल शर्मा ने कहा समस्या ध्यान में है। इस ओर जल्द ही उचित कदम उठाए जाएंगे।